डिजिटल लेबर चौक ऐप हुआ लॉन्च: अब मोबाइल से मिलेगा मजदूरों को काम, जानकारी के लिए जरुर पढ़ें
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: असंगठित क्षेत्र के निर्माण श्रमिकों के लिए रोजगार की प्रक्रिया को अधिक आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
भारत सरकार ने “डिजिटल लेबर चौक” मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से अब दिहाड़ी मजदूरों को काम की तलाश में सुबह-सुबह लेबर चौकों या मजदूर मंडियों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
वहीं दूसरी ओर, नियोक्ता भी अपनी आवश्यकता के अनुसार आसपास उपलब्ध कुशल और अकुशल श्रमिकों से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
यह पहल पारंपरिक श्रम बाजार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इसके साथ ही, श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने, बिचौलियों की भूमिका कम करने और सरकारी योजनाओं तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास भी किया गया है।
बदल रही है लेबर चौक की पारंपरिक व्यवस्था
अब तक निर्माण कार्य से जुड़े अधिकांश श्रमिक, जैसे राजमिस्त्री, बढ़ई, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और सामान्य मजदूर, रोज सुबह शहर के विभिन्न लेबर चौकों या मजदूर मंडियों में इकट्ठा होकर काम मिलने का इंतजार करते थे।
हालांकि, इस व्यवस्था में कई बार श्रमिकों को पूरे दिन काम नहीं मिल पाता था, जबकि नियोक्ताओं को भी अपनी जरूरत के अनुसार योग्य श्रमिक तलाशने में कठिनाई होती थी।
डिजिटल लेबर चौक ऐप इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास करेगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से श्रमिक अपनी प्रोफाइल बनाकर अपनी योग्यता, अनुभव और कार्यक्षेत्र दर्ज कर सकेंगे। वहीं, नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों की तलाश कर सकेंगे और सीधे संपर्क स्थापित कर पाएंगे।
रियल-टाइम में जुड़े रहेंगे मजदूर और नियोक्ता
कानपुर रीजन के उप श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने बताया कि यह ऐप पारंपरिक आमने-सामने होने वाली बातचीत और मोलभाव की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम पर लाएगा। इससे श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच रियल-टाइम कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों की गरिमा, सुरक्षा और आर्थिक समावेशन को भी मजबूत करेगा। इसके अलावा, बिचौलियों पर निर्भरता कम होने से श्रमिकों को अधिक पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
श्रमिकों को मिलेंगे कई महत्वपूर्ण लाभ
डिजिटल लेबर चौक ऐप के माध्यम से निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बसे पहले, श्रमिकों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलने में आसानी होगी। नियोक्ता भी अपनी आवश्यकता के अनुसार कुशल या अकुशल श्रमिकों का चयन कर सकेंगे।
दूसरा बड़ा लाभ यह होगा कि श्रमिकों तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे पहुंचेगी। इससे वे भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) वेलफेयर बोर्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकेंगे।
ऐप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रमिक अपने कौशल को और बेहतर बनाकर अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
एक क्लिक पर मिलेगा आसपास का श्रमिक
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि नियोक्ता अपने आसपास उपलब्ध श्रमिकों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
यदि किसी निर्माण स्थल पर तत्काल राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर या सामान्य मजदूर की आवश्यकता है, तो ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में संबंधित श्रमिकों से संपर्क किया जा सकेगा। समय की बचत होने के साथ-साथ निर्माण कार्य में भी तेजी आएगी।
दो भागों में विकसित किया गया है पूरा सिस्टम
उप श्रमायुक्त शमीम अख्तर के अनुसार, इस पूरी डिजिटल व्यवस्था को दो प्रमुख हिस्सों में तैयार किया गया है ताकि पारदर्शिता और निगरानी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सके।
पहला भाग एंड्रॉयड मोबाइल ऐप है, जिसका उपयोग श्रमिक और नियोक्ता करेंगे। इसमें दोनों पक्ष आसानी से पंजीकरण कर अपनी आवश्यकताओं और उपलब्धता की जानकारी साझा कर सकेंगे।
दूसरा भाग वेब डैशबोर्ड है, जिसे भविष्य में प्रशासन और वेलफेयर बोर्ड के उपयोग के लिए सक्रिय किया जाएगा। इसके माध्यम से ऐप की गतिविधियों, उपयोगकर्ताओं और उपलब्ध रोजगार संबंधी आंकड़ों की निगरानी की जा सकेगी।
वेलफेयर बोर्ड से जुड़ा रहेगा पूरा डेटा
इस ऐप की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसके सभी मॉड्यूल राज्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) वेलफेयर बोर्ड के सिस्टम से जुड़े रहेंगे।
सरकार के पास पंजीकृत श्रमिकों का अद्यतन और सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा। इससे श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, डेटा विश्लेषण करने और भविष्य की योजनाएं तैयार करने में सुविधा मिलेगी।
विभाग का मानना है कि डिजिटल डेटा के माध्यम से श्रमिकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना आसान होगा और जरूरतमंद श्रमिकों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
श्रमिकों की आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम
डिजिटल लेबर चौक ऐप केवल एक मोबाइल एप्लीकेशन नहीं, बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को तकनीक से जोड़ने की एक व्यापक पहल है।
आज के समय में जब अधिकांश सेवाएं डिजिटल हो रही हैं, तब श्रमिकों को भी तकनीक से जोड़ना आवश्यक माना जा रहा है। यही कारण है कि यह पहल रोजगार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विभाग का मानना है कि यदि अधिक से अधिक श्रमिक और नियोक्ता इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं, तो इससे निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। साथ ही, श्रमिकों की आय बढ़ाने, समय की बचत करने और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बन सकती है।
डिजिटल भारत की दिशा में मजबूत पहल
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक तकनीक के माध्यम से पहुंचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। डिजिटल लेबर चौक ऐप भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है।

