यूपी के 1.33 लाख सरकारी स्कूलों में बदलेगा मिड-डे-मील का मेन्यू, बच्चों को मिलेगा हलवा और उपमा
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे-मील यानी पीएम पोषण योजना के तहत भोजन के मेन्यू में बदलाव किया जा रहा है। सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए अब बच्चों को नियमित भोजन के साथ शुक्रवार को गर्मागर्म मीठा हलवा और नमकीन उपमा परोसा जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक पूरक आहार उपलब्ध कराने के साथ उनके पोषण स्तर में सुधार करना है।
प्रदेश के करीब 1.33 लाख परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। इससे लगभग 1.54 करोड़ छात्र-छात्राओं को लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत महीने के अलग-अलग शुक्रवार को मीठा और नमकीन व्यंजन परोसे जाएंगे। खास बात यह है कि बच्चों को मिलने वाले भोजन में विविधता लाने के लिए सप्ताह के एक निर्धारित दिन को चुना गया है।
शुक्रवार को मिलेगा हलवा और उपमा
नई व्यवस्था के अनुसार, महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को बच्चों को मीठा हलवा दिया जाएगा। वहीं, दूसरे, चौथे और यदि महीने में पांचवां शुक्रवार पड़ता है तो उस दिन नमकीन हलवा यानी उपमा परोसा जाएगा।
इस तरह शुक्रवार का भोजन पहले से निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे स्कूलों में भोजन वितरण की व्यवस्था को नियमित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही बच्चों को हर सप्ताह एक अलग स्वाद का पूरक आहार मिलेगा।
सर्दियों के मौसम में गर्म भोजन का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में हलवा और उपमा जैसे व्यंजन बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार का विकल्प बन सकते हैं। हालांकि, इनकी गुणवत्ता और पोषण संबंधी लाभ सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन तैयार करना जरूरी होगा।
1.54 करोड़ बच्चों तक पहुंचेगी नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों का बड़ा नेटवर्क है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई करते हैं। पीएम पोषण योजना के माध्यम से इन विद्यार्थियों को स्कूल में भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
प्रस्तावित बदलाव के दायरे में प्रदेश के लगभग 1.33 लाख विद्यालय शामिल हैं। वहीं, करीब 1.54 करोड़ बच्चों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलने का दावा किया गया है। इस लिहाज से यह बदलाव राज्य स्तर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रभावित करेगा।
इसके अलावा, स्कूलों में भोजन के मेन्यू में विविधता आने से बच्चों की भोजन में रुचि बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। कई बार एक ही तरह का भोजन लगातार मिलने से बच्चों की रुचि कम हो जाती है। ऐसे में सप्ताह में एक दिन अलग व्यंजन उपलब्ध कराने से भोजन को लेकर उत्सुकता बढ़ सकती है।
धनतेरस से शुरू होने की बताई गई है व्यवस्था
दी गई जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था की शुरुआत धनतेरस से की जानी है। इसके बाद निर्धारित शुक्रवार के अनुसार हलवा और उपमा बच्चों को परोसा जाएगा। हालांकि, स्कूलों में इसे लागू करने के लिए संबंधित विभागों और विद्यालय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
स्कूल स्तर पर भोजन तैयार करने और वितरित करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों को नए मेन्यू की जानकारी होना जरूरी है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा।
यदि व्यवस्था को नियमित रूप से लागू किया जाता है तो बच्चों को सर्दियों के दौरान गर्म पूरक आहार मिल सकेगा। वहीं, स्कूलों में भोजन वितरण की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंच सके।
पीएम पोषण योजना का उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण देना
पीएम पोषण योजना का प्रमुख उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार करने के साथ स्कूलों में उनकी उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।
दरअसल, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में संतुलित आहार की अहम भूमिका होती है। पर्याप्त पोषण मिलने से उनके स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर लगातार ध्यान दिया जाता है।
नई व्यवस्था के तहत हलवा और उपमा को शामिल करना इसी दिशा में एक अतिरिक्त कदम माना जा रहा है। हालांकि, केवल मेन्यू में बदलाव पर्याप्त नहीं है। भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मात्रा का पालन भी उतना ही आवश्यक है।
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर रहेगी अहम जिम्मेदारी
स्कूलों में बच्चों को दिया जाने वाला भोजन सुरक्षित और स्वच्छ होना चाहिए। इसलिए हलवा और उपमा तैयार करते समय साफ पानी, अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री और रसोई की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।
इसके अलावा, भोजन बच्चों को निर्धारित समय पर गर्म और ताजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार हो रहा है या नहीं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत शुक्रवार के भोजन में हलवा और उपमा शामिल करने की पहल बच्चों के भोजन में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को सर्दियों में गर्म पूरक आहार उपलब्ध हो सकेगा। अब इस व्यवस्था के नियमित क्रियान्वयन और भोजन की गुणवत्ता पर सभी की नजर रहेगी।

