कानपुर देहात: चाइल्ड हेल्पलाइन की पहल से 8 वर्षीय बिछड़े बालक को मिला परिवार, परिजनों ने जताया आभार
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता और अथक प्रयासों से अपने परिवार से बिछड़े करीब आठ वर्षीय बालक को आखिरकार उसके परिजनों से मिला दिया गया। बालक के मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, परिजनों ने चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को थाना डेरापुर पुलिस को सेंगुर नदी निर्माण स्थल के पास एक बालक भटकता हुआ मिला था। यह स्थान सरगांव खुर्द क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बालक की उम्र करीब आठ वर्ष बताई गई। वह अपने घर और परिजनों के बारे में कोई जानकारी देने में असमर्थ था। इसके बाद थाना डेरापुर की ओर से 1098 कंट्रोल रूम के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन कानपुर देहात को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम मौके पर पहुंची और बालक को अपनी अभिरक्षा में लेकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही बालक के परिजनों की पहचान और उनके निवास स्थान का पता लगाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए।
लगातार प्रयासों से परिजनों तक पहुंची टीम
बालक अपने परिवार के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। ऐसी स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सामने उसके परिजनों को खोजने की चुनौती थी। हालांकि, टीम ने हार नहीं मानी और आसपास के गांवों तथा क्षेत्रों में लगातार जानकारी जुटाई। बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रयास किए गए।
लगातार की गई खोजबीन और सक्रिय पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया। आखिरकार चाइल्ड हेल्पलाइन टीम बालक के परिजनों का पता लगाने में सफल रही। जांच में जानकारी मिली कि बालक डेरापुर क्षेत्र का ही निवासी है और कुछ समय पहले अपने घर से अलग हो गया था।
मेला देखने निकला था बालक
परिजनों ने बताया कि बालक बौद्धिक रूप से दिव्यांग है। वह घर से मेला देखने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में भटक जाने के कारण अपने परिवार से बिछड़ गया। काफी तलाश के बावजूद जब उसका पता नहीं चला तो परिजन परेशान थे। दूसरी ओर, बालक भी अपने घर का रास्ता नहीं जानता था और अपने परिवार के बारे में जानकारी देने में असमर्थ था।
ऐसे में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा की गई पहल परिवार के लिए काफी मददगार साबित हुई। टीम के प्रयासों से बालक और उसके परिजनों के बीच संपर्क स्थापित हो सका।
बाल कल्याण समिति के आदेश पर परिजनों को सौंपा
4 नवंबर 2026 को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बालक को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपने बच्चे को सामने देखकर परिजन भावुक और बेहद खुश नजर आए। वहीं, बालक के परिवार से मिलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
इस अवसर पर परिजनों ने चाइल्ड हेल्पलाइन कानपुर देहात की टीम, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम की तत्परता और लगातार किए गए प्रयासों के कारण ही उनका बच्चा वापस परिवार तक पहुंच सका।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन और प्रशासन की सक्रियता बच्चों की सुरक्षा तथा उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही, अभिभावकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और उन्हें घर से बाहर जाते समय परिवार का पता तथा संपर्क नंबर याद कराने का प्रयास करें।

