संत कबीर नगर में सरस मेले का डीएम अनुज मलिक ने किया निरीक्षण, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संत कबीर नगर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए संत कबीर नगर के खलीलाबाद स्थित हीरालाल इंटर कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सरस मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के घरेलू एवं सजावटी उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी अनुज मलिक ने मेले का निरीक्षण कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।

जिलाधिकारी अनुज मलिक ने हीरालाल इंटर कॉलेज परिसर पहुंचकर सरस मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक स्टाल पर जाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और समूह के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, उनकी उपयोगिता और बिक्री की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देखकर उनके कार्य की प्रशंसा की।

22 स्टालों पर उपलब्ध हैं दीपावली से जुड़े उत्पाद

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित इस सरस मेले में कुल 22 स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टालों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। खास बात यह है कि दीपावली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए मेले में दैनिक उपयोग के सामान के साथ-साथ पर्व से संबंधित सामग्री को भी विशेष स्थान दिया गया है।

मेले में दीये, बाती, मोमबत्तियां, अगरबत्ती, देवी-देवताओं की मूर्तियां और घरों को सजाने के लिए आकर्षक सजावटी सामान उपलब्ध हैं। इसके अलावा कपड़े, कॉस्मेटिक सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, झाड़ू तथा गुड़ से निर्मित विभिन्न उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। इन उत्पादों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से तैयार किया है।

महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता को मिल रहा बढ़ावा

सरस मेला केवल उत्पादों की बिक्री का माध्यम नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिल रहा है।

इसके माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध हो रहा है। वहीं, त्योहारों के अवसर पर लोगों को स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उपयोगी और आकर्षक सामान खरीदने का विकल्प भी मिल रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

जिलाधिकारी अनुज मलिक ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनकी मेहनत का उचित लाभ उन्हें मिल सके।

एक दिन बढ़ाई गई मेले की अवधि, 6 नवंबर को विकास भवन में लगेगा मेला

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले में लगाए गए स्टालों और उपलब्ध उत्पादों की बिक्री की स्थिति का भी जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देश दिया कि सरस मेले की अवधि एक दिन बढ़ाई जाए, ताकि शेष बचे उत्पादों की बिक्री के लिए महिलाओं को अतिरिक्त अवसर मिल सके।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अब 6 नवंबर 2026 को विकास भवन, संत कबीर नगर परिसर स्थित डीपीआरसी भवन में सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। यहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए शेष उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की जाएगी।

इस निर्णय से उन महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके उत्पाद मेले के दौरान पूरी तरह नहीं बिक पाए हैं। अतिरिक्त दिन मिलने से उन्हें अपने सामान की बिक्री का एक और अवसर प्राप्त होगा।

स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील

सरस मेले के आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को पहचान दिलाना, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर इस तरह के आयोजन से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

जिलाधिकारी द्वारा मेले की अवधि बढ़ाने का निर्णय महिला समूहों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए अतिरिक्त समय और अवसर मिलेगा।

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