कानपुर देहात में विकसित भारत युवा संसद का हुआ आयोजन, ‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ पर युवाओं ने रखे विचार
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और राष्ट्रीय महत्व के विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कानपुर देहात के अकबरपुर में विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत, कानपुर देहात की ओर से राजकीय महाविद्यालय, अकबरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ रहा। इसमें जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और चुनाव व्यवस्था, लोकतंत्र तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी उपस्थित रहीं। उनके साथ विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, राष्ट्रीय सेवा योजना के पदाधिकारी, शिक्षाविद् और युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी, राजकीय महाविद्यालय अकबरपुर के प्राचार्य डॉ. अतुल शर्मा, अकबरपुर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.सी. पांडेय, रामस्वरूप ग्रामोद्योग महाविद्यालय पुखरायां के प्राचार्य डॉ. हरीश कुमार सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राम मनोहर मिश्रा तथा जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत, कानपुर देहात प्रिया तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और युवा संसद के आयोजन के उद्देश्य तथा इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया।
‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ पर युवाओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘एक राष्ट्र–एक चुनाव’ विषय पर आयोजित युवा संसद रहा। इसमें प्रतिभागियों ने देश की चुनाव प्रक्रिया, लोकतांत्रिक व्यवस्था, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
युवाओं ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से इस विषय के अलग-अलग पक्षों को प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने चुनाव व्यवस्था से जुड़े संभावित लाभ, चुनौतियों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
दरअसल, युवा संसद जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल किसी विषय पर भाषण देने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली को समझने और सार्वजनिक मुद्दों पर तार्किक ढंग से अपनी बात रखने का मंच भी प्रदान करते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्रीय महत्व के विषय पर अध्ययन, विचार-विमर्श और संवाद के लिए प्रोत्साहित किया गया।
युवाओं में नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक समझ विकसित करना उद्देश्य
विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं से परिचित कराना रहा। इसके माध्यम से युवाओं में तार्किक चिंतन, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक-राष्ट्रीय विषयों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, कार्यक्रम ने युवाओं को यह समझने का अवसर दिया कि लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर अपनी राय प्रस्तुत करने से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सार्वजनिक जीवन से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
निर्णायक मंडल ने किया प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन
युवा संसद में प्रतिभागियों के विचारों और प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करने के लिए विशेष निर्णायक मंडल गठित किया गया था। इसमें अकबरपुर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.सी. पांडेय, रामस्वरूप ग्रामोद्योग महाविद्यालय पुखरायां के प्राचार्य डॉ. हरीश कुमार सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राम मनोहर मिश्रा, सहायक आचार्य डॉ. निधि धवन और डॉ. अनिल द्विवेदी शामिल रहे।
निर्णायक मंडल ने निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का आकलन किया। इसमें उनके विचारों की स्पष्टता, विषय की समझ और प्रस्तुतीकरण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया।
इसके बाद विजेता प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान प्रतिभागियों के उत्साह, सक्रिय भागीदारी और विषय पर उनकी समझ की सराहना की गई।
आकांक्षा श्रीवास्तव और अभय प्रताप सिंह ने किया संचालन
कार्यक्रम का संचालन सुश्री आकांक्षा श्रीवास्तव और महाराणा प्रताप आदर्श युवा मंडल के अध्यक्ष श्री अभय प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर सहकार भारती के जिला अध्यक्ष श्री गौरव त्रिपाठी, डॉ. शिव नारायण और डॉ. पवन कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वहीं, कार्यक्रम के सफल आयोजन में रानी लक्ष्मीबाई महिला मंडल की सुश्री अनामिका तिवारी समेत विभिन्न युवा एवं महिला मंडलों के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया।
युवा स्वयंसेवकों ने आयोजन में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं में युवा स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर मोहम्मद तालिब, इमराना, सत्यम, हजरा, कल्पना, शिवांग दुबे, विनय शुक्ला, अजीत प्रताप सिंह और विकास सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
इन सभी ने कार्यक्रम के संचालन, प्रतिभागियों की व्यवस्था और अन्य आयोजन संबंधी गतिविधियों में सहयोग किया। आयोजकों ने स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
पुरस्कार वितरण के बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता और उत्साह की प्रशंसा की गई।
इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन ने कानपुर देहात के युवाओं को राष्ट्रीय महत्व के विषय पर अपने विचार रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान किया।
कुल मिलाकर, विकसित भारत युवा संसद 2026 का यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और लोकतांत्रिक जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

