कानपुर देहात: डेरापुर में भटकता मिला करीब 8 साल का मासूम, चाइल्ड हेल्पलाइन ने संभाला जिम्मा
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: जिले के डेरापुर थाना क्षेत्र में सेंगुर नदी के निर्माण स्थल के पास करीब आठ वर्षीय एक मासूम बालक भटकता हुआ मिला। पुलिस की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन कानपुर देहात की टीम ने बालक को अपनी अभिरक्षा में लेकर उसकी देखभाल और परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल बालक अपने परिवार और घर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। ऐसे में प्रशासन ने आमजन से बच्चे के परिजनों की पहचान कराने में सहयोग की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डेरापुर थाना पुलिस को सेंगुर नदी के निर्माण स्थल के पास सरगांव खुर्द क्षेत्र में एक बालक भटकता हुआ मिला था। इसके बाद थाना डेरापुर की ओर से 1098 कंट्रोल रूम के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन कानपुर देहात को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम सक्रिय हुई और तत्काल थाना डेरापुर पहुंची।
वहीं, थानाध्यक्ष डेरापुर ने टीम को बताया कि बालक निर्माण स्थल के आसपास अकेला मिला था। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्चे को अपनी अभिरक्षा में लिया और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने के प्रयास शुरू किए।
आसपास के क्षेत्रों में की गई तलाश, नहीं मिला परिवार का सुराग
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बालक को आसपास के इलाकों में ले जाकर उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद अभी तक उसके माता-पिता या अन्य रिश्तेदारों का पता नहीं चल सका है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बालक अपनी उम्र कम होने के कारण अपने घर, गांव, माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है।
ऐसे में चाइल्ड हेल्पलाइन और जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से बच्चे के परिवार तक पहुंचने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि बालक की पहचान सुनिश्चित कर उसे नियमानुसार सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बालक की पहचान के लिए जारी किया गया हुलिया
परिजनों की तलाश में सहायता के लिए बालक का हुलिया भी सार्वजनिक किया गया है। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बच्चे के बाल छोटे हैं और उसका रंग सांवला है। घटना के समय उसने हल्के गुलाबी रंग की धारीदार शर्ट और नीले रंग का हाफ लोअर पहन रखा था।
प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने इस हुलिए के बच्चे को पहचाना है या उसके परिवार के संबंध में कोई जानकारी रखता है तो वह तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करे। छोटी-सी जानकारी भी बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया बालक
चाइल्ड हेल्पलाइन की परियोजना समन्वयक रिचा तिवारी ने बताया कि बालक को आवश्यक प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद बच्चे की सुरक्षा और देखभाल से संबंधित आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही जिला प्रोबेशन विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम बच्चे के माता-पिता तथा अन्य परिजनों की तलाश में जुटी हुई है। बाल संरक्षण से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार बच्चे की देखभाल और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
1098 पर दें सूचना, बच्चे को परिवार से मिलाने में करें मदद
जिला प्रोबेशन अधिकारी कानपुर देहात ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि यदि किसी को इस बालक के माता-पिता, रिश्तेदार या उसके निवास स्थान के बारे में कोई जानकारी प्राप्त होती है तो वह तत्काल सूचना दें।
इसके लिए बाल कल्याण समिति कानपुर देहात, जिला प्रोबेशन कार्यालय कानपुर देहात अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चे की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।
एक मासूम बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में समाज की सामूहिक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए यदि किसी को भी बच्चे के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिले तो उसे बिना देरी किए संबंधित विभाग तक पहुंचाना चाहिए।

