फतेहपुर में तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मंच

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रिपोर्ट- अशोक सिंह

फतेहपुर। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा गांधी मैदान में सोमवार को तीन दिवसीय सरस मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनके हुनर और मेहनत के अनुरूप बाजार उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मेले में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोगों को स्वदेशी और हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग कृष्णा पासवान, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का पौधे भेंटकर हरित स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

महिलाओं के हुनर को मिला बाजार और पहचान

सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां मिट्टी के दीपक, गाय के गोबर से बने दीपक, पूजा सामग्री, सजावटी सामान, मोमबत्तियां और घरेलू उपयोग की कई वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा श्रीअन्न यानी मोटे अनाज से तैयार खाद्य उत्पाद भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं से उनके उत्पादों के निर्माण, गुणवत्ता, लागत तथा बिक्री की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इतना ही नहीं, अतिथियों ने महिलाओं द्वारा तैयार वस्तुओं की खरीदारी भी की और उनके काम की सराहना करते हुए उत्साह बढ़ाया। श्रीअन्न से बने उत्पादों का स्वाद चखकर उनकी गुणवत्ता की प्रशंसा की गई।

त्योहारों पर स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील

राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वे मिट्टी के दीपक, गोबर से बने दीपक, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं और घरेलू उपयोग के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

राज्यमंत्री ने आमजन से अपील की कि दीपावली सहित आगामी त्योहारों पर बाजार में उपलब्ध स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार वस्तुओं की खरीदारी करें, ताकि उनकी मेहनत को सम्मान मिले और उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके।

स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सरस मेला महिलाओं की प्रतिभा, परिश्रम और बढ़ती उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का बेहतर माध्यम है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करके रोजगार के क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं की खरीदारी से महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

ऑनलाइन बाजार से जोड़ने की तैयारी

जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि सरस मेला 2 से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर, परिश्रम और उद्यमशीलता को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए। इसी क्रम में उनके उत्पादों को ऑनलाइन मार्केट से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को जिले से बाहर भी पहचान मिल सकेगी और महिलाओं की नियमित आमदनी में वृद्धि होने की संभावना बढ़ेगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को सरकारी व्यवस्थाओं से भी जोड़ा जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए उपयोग होने वाली सामग्री की आपूर्ति तथा सरकारी शौचालयों में भी समूहों के उत्पादों का प्रयोग किया जा रहा है। इस तरह महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

जिला प्रशासन महिलाओं के उत्पादों को नई पहचान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है। सरस मेले जैसे आयोजन महिलाओं को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और बिक्री बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी श्रम रोजगार, डीसी एनआरएलएम, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कुल मिलाकर, फतेहपुर का तीन दिवसीय सरस मेला केवल खरीदारी का आयोजन नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।