लखीमपुर खीरी में घराना संगीत समारोह की धूम, गायन, कथक और तबले की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी

संस्कृति और कला संरक्षण की दिशा में आयोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कला संवर्धन एवं संरक्षण नीति के अनुपालन में तथा संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा और मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह और निदेशक राज कुमार की परिकल्पना एवं संयोजन में संस्कृति विभाग, लखनऊ की ओर से यह सांस्कृतिक समारोह आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त विभा सिंह सहित कुंवर रुद्र प्रताप सिंह, स्वामी जी, ज्ञानेंद्र सक्सेना, महामंत्री राजेश श्रीवास्तव, सहमंत्री अंकित रस्तोगी, कोषाध्यक्ष आनंद अग्निहोत्री, संगीत विधा प्रमुख, सजल साहू संस्कार मित्र एवं सह कलाकार तथा संस्कार भारती लखीमपुर खीरी के पदाधिकारी और अभिषेक विभाग प्रचारक सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों और संगीत प्रेमियों ने गायन, नृत्य एवं वादन की संगीतमय त्रिवेणी का आनंद लिया।

किशोर चतुर्वेदी के गायन ने जीता श्रोताओं का दिल

समारोह की शुरुआत वरिष्ठ गायक किशोर चतुर्वेदी ने परंपरानुसार भगवान गणेश की स्तुति से की। इसके बाद उन्होंने अपनी मधुर आवाज में ‘हेरी सखी मंगल गावो री’ की प्रस्तुति दी। इस रचना में प्रियतम स्वरूप परमात्मा के आत्मा से मिलन का भावपूर्ण वर्णन सुनने को मिला। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया।

इसके बाद किशोर चतुर्वेदी ने प्रसिद्ध सूफी संत एवं कवि अमीर खुसरो की लोकप्रिय रचना ‘छाप तिलक सब छीनी’ प्रस्तुत की। इस सूफी कलाम की मधुर धुन और भावपूर्ण गायन ने समारोह में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। विशेष रूप से संगीत प्रेमियों ने इस प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया और तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन किया।

नेहा सिंह मिश्रा के कथक ने बिखेरी शास्त्रीय नृत्य की छटा

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण मुंबई की प्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना नेहा सिंह मिश्रा की प्रस्तुति रही। उन्होंने पारंपरिक कथक की विभिन्न विधाओं के माध्यम से अपनी नृत्य प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी आमद, चक्करदार परन, सधे हुए फुटवर्क, प्रभावशाली हस्त संचालन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शकों को आकर्षित किया। हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनकी कला की सराहना की।

नेहा सिंह मिश्रा लखनऊ घराने की प्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और दूरदर्शन की बी-हाई ग्रेड कलाकार हैं। वह वाराणसी की 13 पीढ़ियों से चली आ रही समृद्ध संगीत परंपरा से जुड़ी हैं। वह सुप्रसिद्ध कथक गुरु स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्र की पुत्रवधू तथा अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथक कलाकार पंडित अनुज अर्जुन मिश्र की पत्नी एवं सह-कलाकार हैं।

इसके अलावा, वह एंड टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘हाई फीवर-डांस का नया तेवर’ की फाइनलिस्ट भी रह चुकी हैं। उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, रूस, इंग्लैंड, जर्मनी, इटली और स्पेन सहित कई देशों में कथक प्रस्तुतियां दी हैं। लखनऊ महोत्सव, ताज महोत्सव और कोणार्क महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में भी उनकी प्रस्तुतियां सराही गई हैं। वर्तमान में वह अनुज अर्जुन मिश्र डांस कंपनी की कलात्मक निदेशिका एवं प्रमुख नृत्यांगना हैं। साथ ही, वंचित बच्चों को निःशुल्क कथक प्रशिक्षण देकर भारतीय शास्त्रीय नृत्य के संरक्षण में योगदान दे रही हैं।

अनिल मिश्रा के तबला वादन ने बढ़ाई कार्यक्रम की रौनक

वहीं, बाराबंकी के लोकप्रिय तबला वादक अनिल मिश्रा महाराज ने अपनी वाद्य-वृंद प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगा दिए। उनके साथ ऑक्टोपैड पर विश्वजीत, ऑर्गन पर हर्षित मिश्रा और नाल पर हर्षित शुक्ला ने संगत की। कलाकारों के बीच बेहतर तालमेल और लयबद्ध वादन ने श्रोताओं को खूब प्रभावित किया।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनील शुक्ला और समरीन सिद्दीकी ने किया। समारोह के माध्यम से उत्तर प्रदेश की प्राचीन संगीत परंपराओं, विभिन्न घरानों की विशिष्ट कलाओं और शास्त्रीय संगीत के महत्व को रेखांकित किया गया।

कुल मिलाकर, लखीमपुर खीरी का यह घराना संगीत समारोह गायन, कथक और वादन की यादगार प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। साथ ही, इस आयोजन ने नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।

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