बहराइच में डीएम ने चफरिया गो संरक्षण केंद्र का किया औचक निरीक्षण, 300 गोवंशों की व्यवस्थाएं देखीं
रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता
बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में गोवंशों के संरक्षण और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बृहद गो संरक्षण केंद्र चफरिया का औचक निरीक्षण किया। नगर पालिका परिषद बहराइच द्वारा संचालित इस केंद्र में पहुंचकर उन्होंने गोवंशों के रखरखाव, आवास और देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में लगभग 300 गोवंश संरक्षित पाए गए।
जिलाधिकारी ने केंद्र में मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और गोवंशों के संरक्षण से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गोवंशों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने हाथों से उन्हें गुड़ और केला खिलाया। उन्होंने गोमाता और नंदी के प्रति सम्मान व्यक्त किया। निरीक्षण का उद्देश्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और गोवंशों के रखरखाव की व्यवस्था को देखना रहा।
चफरिया गो संरक्षण केंद्र में करीब 300 गोवंश संरक्षित
नगर पालिका परिषद बहराइच की ओर से संचालित बृहद गो संरक्षण केंद्र चफरिया में वर्तमान में लगभग 300 गोवंश रखे गए हैं। जिलाधिकारी ने केंद्र का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों के लिए बनाए गए पशुशेड और अन्य व्यवस्थाओं को देखा।
गो संरक्षण केंद्र में पशुओं को रखने के लिए चरनी सहित बड़े आकार के चार पशुशेड बनाए गए हैं। इन शेडों में गोवंशों के ठहरने और चारा खाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा केंद्र में आइसोलेटेड वार्ड भी मौजूद है, जहां आवश्यकता के अनुसार गोवंशों को अलग रखा जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की ओर से केंद्र में उपलब्ध अलग-अलग व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने इन सुविधाओं का जायजा लेते हुए गोवंशों के संरक्षण से जुड़े इंतजामों को देखा।
छोटे और मादा गोवंशों के लिए अलग व्यवस्था
चफरिया गो संरक्षण केंद्र में सभी गोवंशों को एक ही स्थान पर रखने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां छोटे गोवंशों और मादा गोवंशों को रखने के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
इस तरह की व्यवस्था से अलग-अलग श्रेणी के पशुओं की देखभाल और उनके रखरखाव में सुविधा मिल सकती है। वहीं, आइसोलेटेड वार्ड की उपलब्धता भी केंद्र की व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से जरूरत पड़ने पर किसी गोवंश को अन्य पशुओं से अलग रखा जा सकता है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं को देखा। गोवंशों के लिए बनाए गए पशुशेड और अलग-अलग स्थानों का जायजा लेकर उन्होंने केंद्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
डीएम ने अपने हाथों से खिलाया गुड़ और केला
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गोवंशों के प्रति स्नेह और सम्मान भी व्यक्त किया। उन्होंने अपने हाथों से गोवंशों को गुड़ और केला खिलाया। इस दौरान उन्होंने गोमाता और नंदी के प्रति सम्मान प्रकट किया।
गौशाला में गोवंशों के बीच पहुंचकर उन्हें भोजन कराना निरीक्षण का एक विशेष दृश्य रहा। जिलाधिकारी ने केंद्र में मौजूद पशुओं को देखा और उनके संरक्षण के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गोवंश संरक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए गो संरक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में पशुओं के रहने, भोजन और देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में समय-समय पर होने वाले निरीक्षण से केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन किया जा सकता है। साथ ही, यदि कहीं सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता हो तो संबंधित अधिकारियों का ध्यान उस ओर दिलाया जा सकता है।
बहराइच के चफरिया स्थित बृहद गो संरक्षण केंद्र का जिलाधिकारी द्वारा किया गया औचक निरीक्षण भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। यहां लगभग 300 गोवंशों के संरक्षण के साथ चार बड़े पशुशेड, चरनी, आइसोलेटेड वार्ड और छोटे व मादा गोवंशों के लिए अलग-अलग व्यवस्था उपलब्ध है।
फिलहाल, जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान केंद्र में मौजूद इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। गोवंशों के संरक्षण और उनकी देखभाल से जुड़ी सुविधाओं को बनाए रखना संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

