छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने सेठघाट का किया निरीक्षण

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा को लेकर लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूजा स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सदर विधायक योगेश वर्मा के साथ सेठघाट पहुंचकर छठ पूजा स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

डीएम ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि छठ महापर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तैयारियों में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

घाट की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेठघाट पर साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही पूजा स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन और नदी में सुरक्षित दूरी तक बैरिकेडिंग की तैयारियों को भी परखा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि घाट परिसर की नियमित सफाई कराई जाए और पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

इसके अलावा नदी में सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त बैरिकेडिंग कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में रहकर ही पूजा-अर्चना कर सकें। वहीं, घाट पर आने-जाने के रास्तों को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए, जिससे पर्व के दौरान भीड़ के प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

पूजा समिति के पदाधिकारियों से भी ली जानकारी

डीएम अंजनी कुमार सिंह ने छठ पूजा आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं संरक्षक से मुलाकात कर तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से आयोजन की आवश्यकताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की। साथ ही प्रशासन और आयोजन समिति के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की बात कही।

जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन, ब्लॉक प्रशासन, जिला पंचायत और नगर पालिका के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करें। इसके अलावा घाट पर उपलब्ध सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाए, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि : डीएम

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छठ महापर्व को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को इस प्रकार तैयार किया जाए कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित सभी श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में सहूलियत मिल सके।

घाट को सुविधाजनक बनाने में जुटे विधायक योगेश वर्मा

वहीं, सदर विधायक योगेश वर्मा भी सेठघाट को छठ पूजा के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयासों में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए घाट पर जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने और आयोजन को व्यवस्थित स्वरूप देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विधायक ने जिलाधिकारी के साथ घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों से भी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली गई। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से घाट पर आवश्यक सुविधाओं को समय से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।

निरीक्षण में कई अधिकारी रहे मौजूद

सेठघाट पर आयोजित निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलुव राजू आर, तहसीलदार मुकेश कुमार वर्मा, बीडीओ संदीप कुमार, अधिशासी अधिकारी संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। अब संबंधित विभागों के सामने निर्धारित समय के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की जिम्मेदारी है, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में भगवान सूर्य की उपासना कर सकें।

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