हरदोई में महिला ने लगाई न्याय की गुहार, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
रिपोर्ट – संजीव आनंद
हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों को लेकर एक मामला सामने आया है। बेनीगंज थाना क्षेत्र के सेमराकलां कल्याणमन गांव की रहने वाली एक महिला ने कुछ लोगों पर आए दिन गाली-गलौज, अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि लगातार हो रही कथित घटनाओं के कारण उसका और उसके परिवार का गांव में रहना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में महिला ने थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता नीलम देवी पत्नी नीरज कुमार ने अपनी शिकायत में विपक्षी पक्ष के कुछ लोगों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला के अनुसार, आरोपी पक्ष के लोग आए दिन उसके और परिवार के सदस्यों के साथ विवाद करते हैं। इसके अलावा, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने के साथ ही जान से मारने की धमकियां भी दी जाती हैं। हालांकि, ये सभी आरोप पीड़िता की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बेनीगंज थाना क्षेत्र का मामला, महिला ने पुलिस को दिया प्रार्थना पत्र
जानकारी के अनुसार, नीलम देवी हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के सेमराकलां कल्याणमन गांव की निवासी हैं। उन्होंने थाना प्रभारी को दिए गए शिकायती पत्र में कटिघरा निवासी अनूप पुत्र दुल्लू, अंकित पुत्र नरेश और घुस्सु पुत्र साहेबलाल सहित अन्य लोगों पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि संबंधित लोग कथित तौर पर दबंगई दिखाते हुए उसके परिवार को परेशान करते हैं। जब भी किसी बात को लेकर विवाद होता है, तो गाली-गलौज और अभद्रता की जाती है। महिला के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के चलते परिवार के सदस्यों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
महिला ने अपने शिकायती पत्र में पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
एक नवंबर की रात विवाद और अभद्रता का आरोप
नीलम देवी ने अपने प्रार्थना पत्र में एक नवंबर 2026 की घटना का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, रात करीब नौ बजे विपक्षी पक्ष के लोगों ने कथित रूप से विवाद और अभद्रता की। महिला का आरोप है कि इस दौरान परिवार को परेशान किया गया और धमकी भी दी गई।
पीड़िता के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार विवाद और गाली-गलौज की स्थिति बन चुकी है। लगातार ऐसी घटनाएं होने से परिवार के सदस्य परेशान हैं। महिला ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
हालांकि, एक नवंबर की रात हुई घटना के संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जांच का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
महिला का कहना है कि विवाद और कथित धमकियों के कारण उसका परिवार सामान्य जीवन नहीं जी पा रहा है। गांव में रहने के दौरान किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पीड़िता के अनुसार, परिवार के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी चिंता का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवाद कई बार लंबे समय तक चलते रहते हैं। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना, दोनों पक्षों की बात सुनना और निष्पक्ष जांच करना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, यदि किसी व्यक्ति को धमकी या सुरक्षा संबंधी खतरा महसूस होता है, तो पुलिस द्वारा उसकी शिकायत पर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाया जाना जरूरी है।
थाना प्रभारी से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
नीलम देवी ने थाना प्रभारी से मांग की है कि उनके शिकायती पत्र की जांच कराई जाए और जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, महिला ने अपने और परिवार के सदस्यों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी अपील की है।
पीड़िता चाहती हैं कि पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों से पूछताछ करे और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करे। उनका कहना है कि परिवार को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के गांव में रह सकें।
पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति
इस मामले में अब पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, घटना से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाने के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल, महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि बेनीगंज थाना पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और पीड़िता की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

