कानपुर में लावारिस निराश्रितों की मदद को आगे आए उद्योगपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी, अस्पताल को दिया सहयोग का आश्वासन

4fe33e4a-0b97-4c1b-a7b9-c37539409df6

Digital UP News Desk 

कानपुर: समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरक उदाहरण कानपुर में देखने को मिला, जहां सड़क पर मिले दो निराश्रित व्यक्तियों के उपचार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों ने सहयोग का हाथ बढ़ाया। इस मानवीय पहल में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति, आरएसपीएल (घड़ी साबुन) समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन मुरलीधर ज्ञानचंदानी ने भी सहयोग का आश्वासन दिया। बताया गया कि दोनों निराश्रितों का उपचार डेल्टा अस्पताल, साकेत नगर में चल रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल उपचार कराना ही नहीं, बल्कि समाज में ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद की सहायता करना सामाजिक दायित्व है और ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

सड़क से अस्पताल तक पहुंचाने की मानवीय पहल

जानकारी के अनुसार, फजलगंज थाना क्षेत्र के चार खंभा कुआं चौराहे के पास दो निराश्रित व्यक्ति असहाय अवस्था में मिले थे। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डेल्टा अस्पताल, साकेत नगर में भर्ती कराया।

इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों व्यक्तियों के संबंध में जानकारी साझा की गई, ताकि यदि उनके परिजन या परिचित हों तो वे सामने आ सकें। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तक उनके परिजनों की पहचान के प्रयास जारी हैं।

उद्योगपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी ने दिया सहयोग का आश्वासन

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि आरएसपीएल समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन मुरलीधर ज्ञानचंदानी ने दोनों मरीजों के समुचित उपचार में सहयोग का आश्वासन दिया है।

उनके इस सहयोग की सराहना करते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज के सक्षम और प्रतिष्ठित लोगों द्वारा ऐसे मानवीय कार्यों में आगे आना अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास समाज को अधिक संवेदनशील और मजबूत बनाते हैं।

डेल्टा अस्पताल ने निभाई मानवीय जिम्मेदारी

दोनों निराश्रितों का उपचार डेल्टा अस्पताल में जारी है। अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, अस्पताल के निदेशक पुनीत कटियार तथा प्रबंधक एवं चिकित्सक डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने भी मरीजों के उपचार में सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

परिजनों की तलाश जारी

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि दोनों निराश्रित व्यक्तियों की पहचान और उनके परिजनों की खोज का प्रयास लगातार किया जा रहा है।

इसके लिए स्थानीय लोगों, पुलिस और सोशल मीडिया की मदद ली जा रही है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति इन मरीजों के संबंध में जानकारी रखता है तो संबंधित अधिकारियों या अस्पताल को सूचना दे सकता है।

समाज में बढ़े संवेदनशीलता के प्रयास

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी समाज की पहचान केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसके मानवीय मूल्यों से भी होती है।

सड़क पर असहाय अवस्था में मिले लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी पहचान कराने का प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण है। ऐसे कार्य समाज में सहयोग, करुणा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।

सामाजिक संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण

कई सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन समय-समय पर ऐसे लोगों की सहायता के लिए आगे आते हैं, जिनका कोई सहारा नहीं होता।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन, अस्पतालों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से ऐसे लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकती है। इससे न केवल उनका जीवन सुरक्षित होता है बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है।

स्वास्थ्य सेवा के साथ मानवीय दृष्टिकोण आवश्यक

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर स्थिति में मिले किसी भी व्यक्ति को प्राथमिक उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।

इसके साथ ही यदि समाज के लोग और संस्थाएं मिलकर सहयोग करें तो जरूरतमंदों को बेहतर चिकित्सा और पुनर्वास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

कानपुर में सामने आई यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनाएं आज भी समाज में जीवित हैं। एक ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निराश्रितों को अस्पताल पहुंचाकर जिम्मेदारी निभाई, वहीं दूसरी ओर उद्योगपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी और अस्पताल प्रबंधन ने उपचार में सहयोग का आश्वासन देकर सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया।

कानपुर में सड़क पर मिले दो निराश्रित व्यक्तियों के उपचार के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, अस्पताल प्रबंधन और उद्योगपति मुरलीधर ज्ञानचंदानी द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता एक सकारात्मक संदेश देती है। दोनों मरीजों का उपचार जारी है और उनके परिजनों की तलाश भी की जा रही है।

ऐसी पहल यह दर्शाती है कि समाज के विभिन्न वर्ग यदि मिलकर जरूरतमंद लोगों की सहायता करें, तो कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। मानवीय सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की यही भावना समाज को अधिक संवेदनशील और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

You may have missed