श्रावस्ती में एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित, 12 किशोरियों को लगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में श्रावस्ती जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 12 किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों और उनके अभिभावकों के बीच सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी किट भी वितरित की गई, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। ऐसे में समय पर एचपीवी टीकाकरण इस गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सहायक माना जाता है।

शिविर के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

12 किशोरियों को लगाया गया एचपीवी टीका

संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में आयोजित इस विशेष शिविर में 12 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। टीकाकरण पूरी तरह निर्धारित स्वास्थ्य मानकों और चिकित्सकीय निगरानी में संपन्न कराया गया।

टीका लगाए जाने के बाद सभी किशोरियों को कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उन्हें टीकाकरण के बाद बरती जाने वाली सामान्य सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने की समय पर टीकाकरण कराने की अपील

कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनपद वासियों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और समय पर टीकाकरण से कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना आवश्यक है। यदि अभिभावक समय पर अपनी बेटियों का टीकाकरण कराते हैं, तो भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सीएमओ ने बताई टीकाकरण की उपयोगिता

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल टीकाकरण करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है।

उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीकाकरण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरित की गई किट

कार्यक्रम के दौरान पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी किट भी प्रदान की गई। इन किटों का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है।

अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

टीकाकरण के बाद दिया गया स्वास्थ्य परामर्श

टीकाकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किशोरियों को आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया। विशेषज्ञों ने उन्हें संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में जानकारी दी।

इसके अलावा, अभिभावकों को भी बताया गया कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।

एचपीवी वैक्सीन क्यों है महत्वपूर्ण?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी (Human Papillomavirus) संक्रमण कुछ मामलों में सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। हालांकि, सभी एचपीवी संक्रमण कैंसर में परिवर्तित नहीं होते, लेकिन समय पर टीकाकरण संक्रमण से जुड़े जोखिम को कम करने में प्रभावी माना जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित कई स्वास्थ्य संस्थाएं पात्र आयु वर्ग की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण की अनुशंसा करती हैं। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच भी महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जागरूकता अभियान भी रहेगा जारी

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि भविष्य में भी जिले में ऐसे जागरूकता एवं टीकाकरण अभियान लगातार आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण कार्यक्रम तभी पूरी तरह सफल होगा, जब समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग स्वेच्छा से इसमें भाग लेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रयास

श्रावस्ती जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन आवश्यक है।

श्रावस्ती के संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में आयोजित एचपीवी टीकाकरण शिविर महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस दौरान 12 किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाई गई तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह की उपस्थिति ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।

साथ ही पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरित कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता और टीकाकरण अभियान जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों और महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।

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