अमरोहा के गजरौला में MDA की फर्जी टीम बनाकर वसूली का आरोप, 500 रुपये लेने का वीडियो वायरल
रिपोर्ट – इक़बाल अंसारी
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला नगर क्षेत्र में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की कथित फर्जी टीम बनाकर एक नागरिक से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दो व्यक्ति खुद को प्राधिकरण से जुड़ा बताते हुए एक नागरिक से पैसे मांगते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि पहले उनसे 2,000 रुपये की मांग की गई और बाद में 500 रुपये लेकर दोनों वहां से चले गए। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में संबंधित प्राधिकरण के एक अधिकारी ने वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों के अधिकृत टीम का हिस्सा होने की पुष्टि नहीं की है। वहीं, गजरौला पुलिस का कहना है कि इस संबंध में शिकायत मिली है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
सुल्तान नगर के नवादा मार्ग का बताया जा रहा है वीडियो
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो गजरौला के मोहल्ला सुल्तान नगर में नवादा मार्ग किनारे स्थित एक घर के सामने का बताया जा रहा है। वीडियो में करीब 60 वर्षीय एक नागरिक दो व्यक्तियों से बातचीत करता नजर आता है। इनमें से एक व्यक्ति चश्मा लगाए हुए है।
वीडियो में बातचीत के दौरान नागरिक बताता है कि वह विधायक के कहने पर MDA कॉलोनी स्थित प्राधिकरण के कार्यालय गया था। उसके मुताबिक, विधायक ने वहां अपना मोबाइल नंबर देने के लिए कहा था, ताकि अधिकारी उससे संपर्क कर सकें।
इसी दौरान चश्मा लगाए व्यक्ति उससे पूछता है कि वह किस विधायक की बात कर रहा है। इस पर नागरिक मंडी धनौरा के विधायक राजीव तरारा का नाम लेता है और उन्हें अपना रिश्तेदार बताता है। इसके बाद बातचीत का रुख बदलता दिखाई देता है।
गाड़ी के तेल खर्च का हवाला देकर मांगे रुपये
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों की बातचीत के अनुसार, विधायक का नाम सामने आने पर उनमें से एक व्यक्ति कहता है कि यह बात पहले बता देनी चाहिए थी। दूसरा व्यक्ति भी गाड़ी का तेल खर्च होने का हवाला देता है।
इसके बाद दोनों व्यक्ति नागरिक से रुपये देने की बात करते हैं। बातचीत के दौरान एक व्यक्ति यह भी कहता सुनाई देता है कि विधायक लखनऊ में हैं और यहां कब आते हैं। इस पर नागरिक जवाब देता है कि वह विधायक के सामने से ही निकला है और कार्ड बांटने के लिए गया था।
आरोप है कि इसके बाद दोनों व्यक्तियों ने गाड़ी के ईंधन खर्च के नाम पर पैसे मांगे। इसी दौरान वहां एक अन्य व्यक्ति भी पहुंचता है और कहता है कि गाड़ी पहले भी दो बार उसके पास आ चुकी है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली बातचीत से यह स्पष्ट नहीं होता कि संबंधित व्यक्तियों को किस आधिकारिक काम के लिए वहां भेजा गया था।
पहले 2,000 रुपये की मांग, बाद में 500 रुपये लेने का आरोप
वीडियो में चश्मा लगाए व्यक्ति नागरिक से 2,000 रुपये देने की मांग करता सुनाई देता है। इस पर नागरिक खुद को गरीब बताते हुए पास खड़े एक युवक से 500 रुपये लाने के लिए कहता है।
बातचीत के दौरान कथित टीम का एक सदस्य यह भी कहता है कि 2,000 रुपये तो चाय-पानी में ही खर्च हो जाते हैं। इसके बाद आरोप है कि दोनों व्यक्ति 500 रुपये लेकर वहां से चले जाते हैं।
इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर ही पूरे मामले की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती। यह जांच का विषय है कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति कौन हैं, वे किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे और क्या उन्होंने किसी विभागीय अधिकारी या प्राधिकरण का नाम लेकर रुपये मांगे थे।
MDA अधिकारी ने अधिकृत टीम होने पर उठाए सवाल
मामले को लेकर MDA के सहायक अभियंता (AE) राजीव गोविल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में तीन सुपरवाइजर हैं, लेकिन उनमें से कोई भी संबंधित स्थान पर नहीं गया था।
उनके इस बयान के बाद वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों के MDA की अधिकृत टीम का हिस्सा होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में नजर आ रहे दोनों व्यक्ति प्राधिकरण के कर्मचारी हैं या नहीं।
यदि कोई व्यक्ति सरकारी विभाग या विकास प्राधिकरण का नाम लेकर बिना अधिकार के लोगों से पैसे मांगता है, तो यह गंभीर जांच का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग की पहचान, कर्मचारियों की तैनाती और मौके पर जाने के उद्देश्य की पुष्टि करना जरूरी होता है।
गजरौला थाने में शिकायत, पुलिस जांच जारी
बताया जा रहा है कि इस मामले में गजरौला थाने में शिकायती पत्र देकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी पंकज तोमर के मुताबिक, पुलिस को तहरीर मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित तौर पर रुपये मांगने वाले व्यक्ति कौन हैं और क्या वे किसी विभाग से जुड़े हैं। इसके साथ ही वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, घटनास्थल और शिकायत में बताए गए तथ्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
गजरौला में MDA की कथित फर्जी टीम के नाम पर रुपये मांगने का यह मामला सरकारी विभागों की पहचान का गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका से जुड़ा है। हालांकि, अभी आरोपों की जांच चल रही है और किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फिलहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान और उनकी कथित गतिविधियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

