मेरठ डिफेंस कॉलोनी में 2 करोड़ की चोरी का खुलासा, नौकरानी और कुक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में गंगानगर थाना क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी में कारोबारी के घर से दो करोड़ रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में घर में काम करने वाली नौकरानी और कुक समेत चार लोग शामिल थे। आरोप है कि कारोबारी की मां को खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और इसके बाद अलमारी से आभूषण व नकदी निकाल ली गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान और नकदी बरामद करने का दावा किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेरठ बीबीजीटीएस मूर्ति ने प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका को देखते हुए 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।
26 अक्टूबर को दर्ज हुई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को गंगानगर थाना क्षेत्र की ए-12 डिफेंस कॉलोनी निवासी आशुतोष भल्ला ने घर से आभूषण और नकदी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि घर में काम करने वाली नौकरानी और कुक ने कथित तौर पर उनकी माताजी को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद अलमारी से कीमती आभूषण और नकदी निकालकर आरोपी वहां से चले गए।
शिकायत मिलने के बाद गंगानगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने के लिए अलग-अलग स्तर पर साक्ष्य जुटाए।
घर में काम करने वालों पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, इस मामले में घर में काम करने वाली रोशनी ओरांव और कुक जितेंद्र कुमार की भूमिका सामने आई। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, घर में मौजूद महिला को अकेला पाकर कथित तौर पर खाने में नींद की गोलियां मिलाई गईं। महिला के बेहोश होने के बाद अलमारी से आभूषण और नकदी निकाली गई। पुलिस के मुताबिक, चोरी का सामान एक बैग में भरकर नौकरानी रोशनी को दिया गया, जिसके बाद वह वहां से चली गई।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद चोरी किए गए आभूषण और नकदी को जितेंद्र कुमार की बहन मीनू और उसके पूर्व पति मनीष कुमार तक पहुंचाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने कथित रूप से इस पूरे घटनाक्रम में शामिल चार लोगों को चिह्नित किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होंगे।
300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
वारदात का खुलासा करने के लिए मेरठ पुलिस, स्वाट टीम और गंगानगर थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया गया और इलाके में लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
इसके अलावा, पुलिस ने मुखबिर तंत्र से मिली जानकारियों का भी इस्तेमाल किया। अलग-अलग साक्ष्यों का मिलान करने के बाद संदिग्धों की पहचान की गई और फिर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्यों और कैमरों से मिली जानकारी ने जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज के समय में बड़ी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों की जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्य अहम भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी पुलिस ने इन्हीं माध्यमों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
दो करोड़ से अधिक के आभूषण और 3.56 लाख रुपये बरामद
मेरठ पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, और 3 लाख 56 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामदगी चोरी हुए सामान की पूरी मात्रा से संबंधित है।
हालांकि, बरामद आभूषणों का अंतिम मूल्यांकन और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है। इतनी बड़ी रकम और कीमती आभूषणों से जुड़े मामले में बरामदगी का पुलिस का दावा जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के काम की सराहना की। उन्होंने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सहायता मिली। सराहनीय कार्य के लिए संबंधित पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय और जांच प्रक्रिया के अनुसार होगी।
घर में काम करने वालों के सत्यापन की जरूरत पर फिर चर्चा
इस घटना के बाद घरेलू सहायकों और अन्य कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की जरूरत एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ केवल पेशे या पहचान के आधार पर संदेह करना उचित नहीं है, लेकिन घर में नियमित रूप से काम करने वाले कर्मचारियों का पहचान सत्यापन कराना सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी हो सकता है।
इसके साथ ही, घर के कीमती सामान और नकदी को सुरक्षित रखना, अलमारी की चाबियों को सावधानी से संभालना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को भोजन या पेय पदार्थ लेने के बाद अचानक असामान्य स्थिति महसूस हो, तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
फिलहाल, मेरठ के डिफेंस कॉलोनी चोरी मामले में पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी और आभूषणों व नकदी की बरामदगी की जानकारी दी है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से मामले के शेष पहलुओं की पुष्टि होगी।

