फर्रुखाबाद में दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों के लिए सख्त नियम, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: दीपावली के त्योहार को देखते हुए फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने आतिशबाजी के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं और निर्माताओं के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्फोटक नियमावली के प्रावधानों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना, आग लगने की आशंका को कम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए दुकानों के स्थान, उनकी संख्या, आतिशबाजी के भंडारण और अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक आतिशबाजी क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानें
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आतिशबाजी क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानों की सीमा का पालन किया जाए। इसके साथ ही हर क्लस्टर में कम से कम दो फायर टेंडर उपलब्ध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि दुकानों की संख्या तय करते समय केवल निर्धारित सीमा को ही आधार न बनाया जाए, बल्कि मौके पर उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों और उनकी क्षमता का भी आकलन किया जाए। यानी जहां सुरक्षा संसाधन पर्याप्त न हों, वहां दुकानों की संख्या निर्धारित करते समय संबंधित परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
इसके अलावा, प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहन आसानी से मौके तक पहुंच सकें। दुकानों के बीच पर्याप्त जगह, सुरक्षित आवागमन और आपातकालीन व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
निर्धारित स्थलों पर ही लगेंगी आतिशबाजी की दुकानें
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आतिशबाजी की दुकानें केवल निर्धारित और स्वीकृत स्थलों पर ही लगाई जाएंगी। आबादी वाले क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाली जगहों के आसपास असुरक्षित तरीके से दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होगी।
निर्देशों के अनुसार, आतिशबाजी की दुकानों को गलियों, बाजारों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेलवे लाइन, हाईटेंशन बिजली लाइनों और फैक्ट्रियों से निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रखना होगा। इससे किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में आसपास के लोगों और संपत्तियों को होने वाले नुकसान का जोखिम कम किया जा सकेगा।
वहीं, दुकानों का निर्माण भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। प्रशासन ने ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल से बचने और दुकानों की संरचना को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है। निर्धारित स्थल पर दुकान लगाने से पहले संबंधित अनुमति और सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना भी जरूरी होगा।
आतिशबाजी के भंडारण और भीड़ प्रबंधन पर जोर
जिलाधिकारी ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि आतिशबाजी का भंडारण सुरक्षित तरीके से किया जाए। दुकान के भीतर पटाखों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार रखा जाए और ऐसी व्यवस्था न हो जिससे आग लगने या दुर्घटना का खतरा बढ़े।
त्योहार के दौरान दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में दुकानदारों को अनावश्यक भीड़ एकत्र होने से रोकने और ग्राहकों के आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, दुकानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास का ध्यान रखना भी जरूरी है। यदि किसी स्थान पर निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की ओर से दिए गए ये निर्देश दुकानदारों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए आतिशबाजी खरीदने और बेचने वाले सभी लोगों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि आतिशबाजी की दुकानों की निगरानी के लिए शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट और ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित उपजिलाधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं। इन अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि दुकान स्वीकृत स्थान पर लगाई गई है या नहीं, सुरक्षा दूरी का पालन हो रहा है या नहीं और अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं या नहीं। इसके अलावा, आतिशबाजी के भंडारण और दुकानों के निर्माण की स्थिति भी जांच के दायरे में रहेगी।
यदि कोई दुकानदार नियमों की अनदेखी करता है या आबादी के आसपास असुरक्षित तरीके से आतिशबाजी की दुकान लगाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
दीपावली पर जनसुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
दीपावली के दौरान आतिशबाजी की मांग बढ़ने के कारण बाजारों और अस्थायी दुकानों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन करना और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और आतिशबाजी की बिक्री में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान लोग सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकें और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
फिलहाल, फर्रुखाबाद में आतिशबाजी विक्रेताओं और निर्माताओं को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण जारी रखने को कहा गया है। अब दुकानों की व्यवस्था और सुरक्षा नियमों के पालन पर प्रशासन की निगरानी रहेगी।

