कानपुर में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 10,467 कार्मिकों की तैनाती; जानें पूरा कार्यक्रम

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: जनगणना-2027 को लेकर कानपुर नगर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए जनपद में कुल 10,467 प्रगणकों और सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी ने प्रेस वार्ता के दौरान जनगणना के दूसरे चरण, ऑनलाइन स्वगणना की समय-सीमा और घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने के कार्यक्रम की जानकारी दी। प्रशासन के अनुसार, नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे।

इसके अतिरिक्त, पांच जनवरी से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण और छूटे हुए व्यक्तियों की गणना की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

कानपुर में जनगणना-2027 के लिए 10,467 कार्मिक तैनात

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस काम के लिए जिले में 10,467 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इन कार्मिकों की जिम्मेदारी निर्धारित क्षेत्रों में जाकर परिवारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करना और उसे तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करना होगा।

दरअसल, जनगणना देश की आबादी, परिवारों की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने का एक प्रमुख माध्यम है। इसलिए इसकी प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी के साथ-साथ सही जानकारी दर्ज होना भी आवश्यक है।

16 नवंबर से शुरू होगी ऑनलाइन स्वगणना

प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना के दूसरे चरण में सबसे पहले ऑनलाइन स्वगणना का अवसर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 16 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस अवधि में नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य करेंगे। इस दौरान परिवारों से निर्धारित प्रश्नावली के अनुसार जानकारी ली जाएगी। वहीं, पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण और छूटे हुए व्यक्तियों की गणना की जाएगी।

इस प्रकार ऑनलाइन स्वगणना और घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया के जरिए जनगणना को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्वगणना करते समय विवरण ध्यानपूर्वक भरें और संबंधित जानकारी सही दर्ज करें।

पहले चरण में मकानों का सर्वेक्षण पूरा

जनगणना की तैयारियों के तहत कानपुर नगर में पहले चरण का मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। यह प्रक्रिया 22 मई से 20 जून 2026 तक आयोजित की गई थी।

इस चरण में मकानों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई गई। इसमें पेयजल की उपलब्धता, शौचालय, बिजली, रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन तथा अन्य आवासीय सुविधाओं के बारे में विवरण शामिल था।

पहले चरण से प्राप्त जानकारी जनगणना की व्यापक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं, दूसरे चरण में परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित विस्तृत विवरण जुटाए जाएंगे। इस तरह दोनों चरणों के आंकड़ों से जनपद की आवासीय परिस्थितियों और जनसंख्या से जुड़ी स्थिति को समझने में सहायता मिलेगी।

जनसंख्या गणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जनसंख्या गणना के दौरान निर्धारित प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल होंगे। इनके माध्यम से परिवार और उसमें रहने वाले व्यक्तियों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्र की जाएंगी।

प्रश्नावली में नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, मातृभाषा और शिक्षा से संबंधित सवाल शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा रोजगार, व्यवसाय और जन्म स्थान से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी।

इसी क्रम में प्रवासन, स्थायी निवास, बच्चों से संबंधित विवरण तथा विभिन्न पहचान दस्तावेजों की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। नागरिकों को चाहिए कि वे प्रत्येक सवाल को ध्यान से समझें और सही विवरण उपलब्ध कराएं।

हालांकि, व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करते समय नागरिकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन कर रहे हैं। किसी भी प्रश्न को लेकर भ्रम होने पर संबंधित अधिकृत प्रगणक या प्रशासन से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

जनगणना के नाम पर ओटीपी और बैंकिंग विवरण साझा न करें

जनगणना की प्रक्रिया के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जनगणना के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी साझा न करें।

नागरिकों को अपनी जानकारी केवल अधिकृत प्रगणकों और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही दर्ज करानी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति जनगणना के नाम पर संदिग्ध तरीके से बैंकिंग विवरण या गोपनीय जानकारी मांगता है, तो सतर्क रहना जरूरी है।

इसके साथ ही ऑनलाइन स्वगणना करते समय सही पोर्टल की पहचान करना और किसी अनधिकृत लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने से बचना भी महत्वपूर्ण है। इस तरह सावधानी बरतकर नागरिक अपनी जानकारी की सुरक्षा के साथ जनगणना प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

व्यक्तिगत जनगणना अभिलेखों की गोपनीयता का प्रावधान

प्रशासन ने बताया कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत जनगणना अभिलेखों को गोपनीयता का संरक्षण प्राप्त है। इसका उद्देश्य जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना है।

इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना कार्मिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें। सही और पूरी जानकारी मिलने से आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलती है। साथ ही, पुनरीक्षण के दौरान छूटे हुए व्यक्तियों की पहचान और गणना भी महत्वपूर्ण रहेगी।

विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे जनगणना के आंकड़े

जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में उपयोगी होते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित आवश्यकताओं को समझने में जनसंख्या के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

इसी वजह से कानपुर नगर प्रशासन जनगणना-2027 की प्रक्रिया को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा कराने की तैयारी कर रहा है। ऑनलाइन स्वगणना, घर-घर जाकर गणना और पुनरीक्षण के चरणों में नागरिकों की भागीदारी अहम होगी।

कुल मिलाकर, कानपुर में जनगणना-2027 के लिए 10,467 कार्मिकों की तैनाती की गई है। ऑनलाइन स्वगणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक होगी, जबकि घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक निर्धारित है। प्रशासन ने सभी परिवारों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर सहयोग करें, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से छूटने न पाए।

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