कानपुर देहात में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण बैच का सम्मान समारोह, 33 अभ्यर्थियों को मिला कौशल विकास का प्रशिक्षण
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (बड़ौदा आरसेटी), कानपुर देहात में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 33 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। 35 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी कौशल सिखाए गए, ताकि वे भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू कर सकें या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एएलडीएम (ALDM) श्री हेमंत सचान उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक श्री मयंक कटियार ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
35 दिवसीय प्रशिक्षण में 33 अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा
बड़ौदा आरसेटी, कानपुर देहात में आयोजित ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना था। इस कार्यक्रम में 33 अभ्यर्थियों ने भाग लिया और 35 दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य उन्हें इस क्षेत्र में काम करने के लिए जरूरी कौशल से परिचित कराना और भविष्य में अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए तैयार करना था।
आज के समय में ब्यूटी पार्लर सेवाओं की मांग विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिलती है। ऐसे में इस तरह का प्रशिक्षण युवाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में एक उपयोगी विकल्प बन सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं।
हालांकि, प्रशिक्षण पूरा करना स्वरोजगार की शुरुआत भर है। व्यवसाय को सफल बनाने के लिए अभ्यर्थियों को अपने कौशल के साथ ग्राहक सेवा, गुणवत्ता, स्वच्छता और वित्तीय प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।
हेमंत सचान ने प्रशिक्षणार्थियों को किया प्रेरित
समारोह में मुख्य अतिथि श्री हेमंत सचान ने अपने संबोधन में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण को महिलाओं और युवाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यर्थी स्वरोजगार की संभावनाओं को तलाश सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का व्यावहारिक उपयोग करें। साथ ही, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास करते रहें।
उनके अनुसार, किसी भी प्रशिक्षण की वास्तविक उपयोगिता तब सामने आती है, जब प्रतिभागी उससे प्राप्त ज्ञान और कौशल को अपने जीवन में लागू करते हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रहकर अपने हुनर को निखारने और काम के नए अवसर तलाशने पर भी ध्यान देना चाहिए।
मयंक कटियार ने बताया संस्थान का उद्देश्य
संस्थान के निदेशक श्री मयंक कटियार ने कहा कि बड़ौदा आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करके आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यर्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी उद्देश्य के तहत आयोजित किया गया।
निदेशक के अनुसार, 35 दिवसीय कार्यक्रम में 33 अभ्यर्थियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी कौशल प्रदान किए गए। इससे उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने अथवा संबंधित क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, कौशल प्रशिक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे सकता है। जब स्थानीय स्तर पर लोग अपना व्यवसाय शुरू करते हैं, तो उन्हें अपने क्षेत्र में ही काम करने का अवसर मिल सकता है। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है।
स्वरोजगार से खुल सकते हैं नए अवसर
ब्यूटी पार्लर का क्षेत्र उन अभ्यर्थियों के लिए संभावनाएं प्रदान करता है, जो कम संसाधनों के साथ अपने कौशल के आधार पर काम शुरू करना चाहते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थी अपनी परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार घर से सेवाएं देने, छोटा पार्लर शुरू करने या किसी स्थापित ब्यूटी पार्लर में काम करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि, व्यवसाय शुरू करने से पहले स्थान, आवश्यक उपकरण, शुरुआती लागत, ग्राहकों की जरूरत और स्थानीय बाजार की मांग को समझना भी जरूरी है। इसके साथ ही, नियमित अभ्यास और ग्राहकों के साथ बेहतर व्यवहार व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
इस प्रकार, बड़ौदा आरसेटी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को केवल कौशल सीखने तक सीमित न मानकर रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा सकता है। प्रशिक्षणार्थियों के लिए आगे की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे सीखे गए कौशल का किस तरह उपयोग करते हैं।
संस्थान के स्टाफ का रहा सहयोग
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन और सम्मान समारोह में संस्थान के कर्मचारियों का भी सहयोग रहा। इस दौरान फैकल्टी सदस्य श्री निखिल मिश्रा, ऑफिस असिस्टेंट श्री हर्षित मिश्रा, अटेंडर श्री रोहित और गार्डनर श्री शिवम ने अपनी भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही, उन्हें प्राप्त कौशल का उपयोग करके रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कौशल विकास पर जोर
बड़ौदा आरसेटी, कानपुर देहात में आयोजित यह सम्मान समारोह 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन का अवसर रहा। कार्यक्रम के माध्यम से 33 अभ्यर्थियों को अपने कौशल का उपयोग कर भविष्य में रोजगार के अवसर तलाशने और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को व्यावहारिक जानकारी देने और उन्हें आजीविका के नए विकल्पों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में प्रशिक्षणार्थियों के लिए जरूरी है कि वे अपने हुनर को लगातार बेहतर बनाएं और उपलब्ध अवसरों का उपयोग करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास जारी रखें।

