घाटमपुर के बरनाव पुल निर्माण स्थल पर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, प्रधान पति ने रिश्तेदारी से किया इनकार

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रिपोर्ट – शुभम साहू

घाटमपुर/पतारा, कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के घाटमपुर क्षेत्र में बरनाव गांव में सिंचाई विभाग के अंतर्गत बन रहे पुल के निर्माण स्थल पर मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य करा रहे साइट इंचार्ज ने गांव के एक युवक पर निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पाइप को क्षतिग्रस्त करने, मजदूरों के साथ मारपीट करने और अपने साथियों को बुलाकर धमकाने का आरोप लगाया है। इस मामले में ग्राम प्रधान पति सुरेश सिंह सेंगर का नाम भी चर्चा में आया है। हालांकि, उन्होंने आरोपित युवक से किसी भी तरह का पारिवारिक संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

निर्माण स्थल पर पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, बरनाव गांव में सिंचाई विभाग की ओर से पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। साइट इंचार्ज विकास पुत्र रामभरोसे ने 27 अक्टूबर 2026 को पतारा थाने में लिखित शिकायत देकर घटना के संबंध में कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक, मंगलवार को करीब तीन बजे विकास निर्माण स्थल पर मजदूरों से काम करा रहे थे। इसी दौरान बरनाव गांव निवासी सुमित सेंगर पुत्र बलबीर सेंगर पिकअप वाहन लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि वाहन निर्माण कार्य में लगाए गए पाइप पर चढ़ गया, जिससे पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पिकअप वाहन भी मौके पर फंस गया।

साइट इंचार्ज का आरोप है कि पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहन चालक ने मौके पर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मजदूरों ने इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर चालक ने वाहन से लाठी निकालकर उनके साथ मारपीट की। शिकायत में तीन मजदूरों के घायल होने की बात कही गई है।

इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने पंकज नाम के एक मजदूर के मारपीट के दौरान से गायब होने का भी उल्लेख किया है। हालांकि, मजदूर के लापता होने की परिस्थितियों और घटना में घायल लोगों की स्थिति के बारे में स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

प्रधान पति सुरेश सिंह सेंगर ने आरोपों पर दी सफाई

घटना के बाद ग्राम प्रधान पति सुरेश सिंह सेंगर का नाम भी चर्चा में आया। इस पर उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए आरोपित युवक से किसी भी तरह की रिश्तेदारी होने से स्पष्ट इनकार किया है।

सुरेश सिंह सेंगर के मुताबिक, गांवों में आपसी बातचीत के दौरान लोग एक-दूसरे को चाचा, दादा या बाबा जैसे संबोधनों से बुलाते हैं। लेकिन केवल इस तरह संबोधित करने अथवा एक ही गांव में रहने से किसी व्यक्ति को रिश्तेदार नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि जिस युवक पर निर्माण स्थल पर घटना करने का आरोप लगाया गया है, वह बरनाव गांव का निवासी है, लेकिन उससे उनका कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। उन्होंने आरोपित युवक को अपना भतीजा बताए जाने की बात को भी गलत बताया।

प्रधान पति ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि किसी भी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, पुलिस अपना काम कर रही है और वह जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण केवल परिचय, गांव या कथित रिश्तेदारी के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति

साइट इंचार्ज की ओर से पतारा थाने में दी गई शिकायत में निर्माण कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे पाइप को क्षतिग्रस्त करने, मजदूरों के साथ मारपीट करने और धमकाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण स्थल पर विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। साथ ही, कथित रूप से घायल मजदूरों और पंकज के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

वहीं, ग्राम प्रधान पति सुरेश सिंह सेंगर ने आरोपित युवक से रिश्तेदारी होने से इनकार करते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है। ऐसे में अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हुई हैं।

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