बिजनौर में किसान विजयपाल हत्याकांड का खुलासा, जमीन विवाद में भतीजे ने 3 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या

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रिपोर्ट – तबिश मिर्जा

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में खेत पर पानी देने गए किसान विजयपाल की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जमीन के विवाद में किसान के सगे भतीजे ने कथित तौर पर तीन लाख रुपये की सुपारी देकर अपने साथियों के साथ मिलकर चाचा की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए जाने की बात कहे जा रहे अवैध तमंचे सहित अन्य साक्ष्य बरामद करने की जानकारी दी गई है।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सर्विलांस और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल का सहारा लिया। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ी और पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन को लेकर चल रहा विवाद प्रमुख वजह के रूप में सामने आया है।

खेत में ट्रैक्टर पर मिला था किसान का शव

जानकारी के मुताबिक, यह मामला 22 अक्टूबर की देर रात का है। किसान विजयपाल अपने खेत पर फसलों की सिंचाई के लिए पानी देने गया था। इसके बाद अगली सुबह उसका शव ट्रैक्टर पर खून से लथपथ हालत में मिला। किसान की मौत की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार में शोक छा गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती दौर में हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं थी। ऐसे में पुलिस के सामने घटना का खुलासा करना और आरोपियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ मृतक के संपर्कों और मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारियों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं पर काम किया। इसके साथ ही मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली गई, ताकि घटना से पहले और बाद में हुई बातचीत तथा संदिग्ध संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सके।

कॉल डिटेल से जांच को मिली दिशा

पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ी। इसी क्रम में मृतक के भतीजे प्रिंस पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान जमीन विवाद से जुड़ी जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रिंस का अपने सगे चाचा विजयपाल के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रचने की बात सामने आई है।

हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस की पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होता है। इसलिए मामले से जुड़े आरोपों पर अदालत के फैसले का इंतजार महत्वपूर्ण रहेगा।

तीन लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, किसान विजयपाल की हत्या के लिए कथित तौर पर तीन लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। आरोप है कि प्रिंस ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर चाचा की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद रात के अंधेरे में खेत पर वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने किसान की गोली मारकर हत्या की और फिर मौके से फरार हो गए। अगली सुबह शव मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। शुरुआत में यह अंधे कत्ल का मामला प्रतीत हो रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ने का दावा किया।

इस खुलासे के बाद जमीन विवाद को लेकर हत्या की साजिश रचे जाने का पहलू सामने आया है। हालांकि, हत्या में प्रत्येक आरोपी की भूमिका, कथित सुपारी की रकम और वारदात से संबंधित अन्य परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध तमंचा बरामद

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किए जाने की बात कहे जा रहे अवैध तमंचे सहित आला कत्ल बरामद किया गया है। बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी। पुलिस ने सर्विलांस और कॉल डिटेल के माध्यम से घटना की तह तक पहुंचने की बात कही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के नाम, उनकी अलग-अलग भूमिका और बरामदगी से संबंधित विस्तृत विवरण स्पष्ट नहीं है।

जमीन विवाद में रिश्तों पर उठे सवाल

किसान विजयपाल की हत्या के मामले में सामने आए आरोपों ने पारिवारिक जमीन विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जमीन और संपत्ति को लेकर होने वाले विवाद कई बार परिवारों के बीच तनाव का कारण बनते हैं। हालांकि, विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया और आपसी संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, बरामद हथियार और आरोपियों के बयानों की जांच की जाएगी। इसके आधार पर अदालत में मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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