औरैया में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, जेब से मिला प्रेम प्रसंग में धोखे का जिक्र करता सुसाइड नोट
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में आम के पेड़ से लटके मिले 35 वर्षीय युवक ब्रजेश पाल के शव के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। नोट में प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर धोखा मिलने का जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, घटनास्थल पर युवक के हाथ पीछे की ओर बंधे होने और पैर जमीन को छूने जैसी स्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव पेड़ से लटकाए जाने की आशंका जताई है।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही युवक की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
हालेपुर-बिरूहनी मार्ग के पास मिला युवक का शव
यह मामला औरैया जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के हालेपुर-बिरूहनी मार्ग के पास का है। जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर को खेत में स्थित आम के पेड़ से एक युवक का शव लटका मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बिलावा गांव निवासी 35 वर्षीय ब्रजेश पाल के रूप में हुई।
बताया गया कि ब्रजेश नोएडा की एक कंपनी में फायर ब्रिगेड की गाड़ी चलाता था। वह 18 अक्टूबर को छुट्टी लेकर अपने घर आया था। परिवार के अनुसार, 26 अक्टूबर की शाम वह घर से निकला था, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए।
इसी बीच, अगले दिन सुबह खेत की ओर गए परिवार के एक सदस्य ने ब्रजेश का शव आम के पेड़ से लटका देखा। यह दृश्य देखकर परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया।
जेब से मिले सुसाइड नोट में प्रेम प्रसंग का जिक्र
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान आसपास के साक्ष्य जुटाए। इस प्रक्रिया में फॉरेंसिक टीम ने भी सहयोग किया। तलाशी के दौरान ब्रजेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि नोट में युवक ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी थी और किसी को परेशान नहीं करने की अपील की थी।
इसके अलावा, नोट में अपनी मैडम से शादी करने की इच्छा और उनसे धोखा मिलने का जिक्र भी बताया गया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामले में प्रेम प्रसंग से जुड़ा पहलू भी जांच के दायरे में आ गया है।
हालांकि, केवल सुसाइड नोट के आधार पर युवक की मौत को आत्महत्या मान लेना उचित नहीं होगा। नोट की प्रामाणिकता, उसमें लिखी बातों और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का परीक्षण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि नोट किन परिस्थितियों में लिखा गया और उसमें किए गए उल्लेखों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों से होती है या नहीं।
हाथ बंधे होने की स्थिति से परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू घटनास्थल की परिस्थितियां हैं। परिजनों के मुताबिक, ब्रजेश के हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे और उसके पैर जमीन को छूने की स्थिति में थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को पेड़ से लटकाया गया हो सकता है।
घटनास्थल के पास ब्रजेश की मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली थी। ऐसे में पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि युवक वहां किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत से पहले क्या हुआ था।
दूसरी ओर, सुसाइड नोट में आत्महत्या का उल्लेख किए जाने की बात भी जांच का हिस्सा है। इसलिए मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का आपस में मिलान करना जरूरी है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र किया गया और मामले से संबंधित जानकारियां जुटाई गईं। पुलिस मृतक के परिजनों के बयान तथा घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
क्षेत्राधिकारी शैलेन्द्र सिंह की बाइट भी इस मामले के संबंध में उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, उपलब्ध समाचार सामग्री में उनके बयान का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए पुलिस की ओर से किसी विशेष निष्कर्ष या दावे को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी है। अब पुलिस की जांच में सुसाइड नोट की सत्यता, युवक की मौत की परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका रहेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी ब्रजेश पाल की मौत की वजह
ब्रजेश पाल की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जेब से मिले सुसाइड नोट में प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर धोखे का उल्लेख सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ शव की स्थिति को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
ऐसे में मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच बेहद जरूरी है। पुलिस को सभी संभावित पहलुओं की जांच करते हुए साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ब्रजेश की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा। तब तक किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

