मेरठ में शिक्षक-स्नातक सीट की मतगणना के दौरान हंगामा, निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ की पुलिस से हुई तगड़ी बहस – पढ़िए क्यों?
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए मतगणना के दौरान मेरठ में उस समय स्थिति गरमा गई, जब निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। मतगणना स्थल पर स्ट्रांग रूम की ओर जाने वाले रास्ते पर रोके जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। मामला बढ़ने पर एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक और स्नातक सीटों की मतगणना चल रही थी। इसी दौरान निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ स्ट्रांग रूम की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसी बात को लेकर प्रत्याशी और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
रास्ते पर रोके जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि स्ट्रांग रूम की ओर जाने वाले रास्ते पर प्रवेश को लेकर पुलिस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच बहस हुई। मतगणना केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात थे। ऐसे में निर्धारित नियमों और प्रवेश व्यवस्था के तहत ही लोगों को आगे जाने दिया जा रहा था।
इसी दौरान विक्रांत वशिष्ठ ने पुलिसकर्मियों के रोकने पर नाराजगी जताई। मामला उस समय और बढ़ गया, जब बहस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहा, “तुम्हारी औकात क्या है, कर लो मुझे अरेस्ट।” इस कथन को लेकर मौके पर माहौल गर्म हो गया और वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस विवाद की ओर गया।
हालांकि, विवाद की शुरुआत और पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित स्थान पर प्रवेश के लिए कौन-से नियम लागू थे और प्रत्याशी को किस आधार पर रोका गया था।
एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
विवाद की जानकारी मिलने के बाद एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और हस्तक्षेप किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी को अंदर भेज दिया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के पहुंचने के बाद विवाद को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई।
मतगणना जैसे संवेदनशील अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश संबंधी नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, प्रत्याशियों की ओर से उठाई गई आपत्तियों का समाधान भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। ऐसे में मौके पर अधिकारियों की भूमिका स्थिति को शांत रखने और मतगणना की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
कृषि विश्वविद्यालय में चल रही मतगणना
मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय परिसर में मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए मतगणना की जा रही थी। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात था। मतगणना केंद्र के आसपास आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही थी, ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
इसी व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम की ओर जाने वाले रास्ते पर हुआ विवाद चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मतगणना के परिणाम, प्रत्याशियों की स्थिति या इस विवाद के कारण मतगणना पर किसी प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए परिणामों और प्रक्रिया से संबंधित किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।
मतगणना के दौरान व्यवस्था बनाए रखना अहम
शिक्षक और स्नातक सीटों की मतगणना के दौरान प्रत्याशियों, उनके प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय आवश्यक होता है। प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी निर्देश और मतगणना केंद्र के निर्धारित क्षेत्रों में आवाजाही के नियम इसी उद्देश्य से लागू किए जाते हैं। यदि किसी प्रत्याशी को किसी व्यवस्था पर आपत्ति होती है, तो उसका समाधान संबंधित निर्वाचन अधिकारी या सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से किया जा सकता है।
दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी प्रत्याशियों के साथ नियमों के अनुसार समान व्यवहार हो और मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी कराई जाए। विवाद की स्थिति में संवाद और निर्धारित प्रक्रिया के जरिए मामला सुलझाना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक सीटों की मतगणना के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ और पुलिसकर्मियों के बीच हुई बहस की घटना सामने आई है। एसपी सिटी के हस्तक्षेप के बाद प्रत्याशी को अंदर भेजे जाने की जानकारी है। विवाद के संबंध में पुलिस या निर्वाचन प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने पर घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

