मेरठ में कारोबारी की मां को पिला दी गई नशीली चाय, फिर जानिए आगे क्या-क्या हुआ?
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में डिफेंस कॉलोनी स्थित एक कारोबारी के घर चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि घर में काम करने वाली नौकरानी ने बुजुर्ग महिला को नशीला पदार्थ मिला हुआ चाय पिलाकर बेहोश कर दिया और इसके बाद घर से जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गई। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य दिल्ली गए हुए थे। बुजुर्ग महिला की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार घरेलू सहायिका की तलाश की जा रही है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पीड़ित परिवार का आवास डिफेंस कॉलोनी में सांसद अरुण गोविल के घर के पास स्थित है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में घरेलू सहायकों के सत्यापन और घरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
मेरठ की डिफेंस कॉलोनी में कैसे हुई वारदात?
मिली जानकारी के अनुसार, डिफेंस कॉलोनी निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला किसी काम से अपने परिवार के साथ दिल्ली गए हुए थे। उस समय घर में उनकी बुजुर्ग मां और दो बच्चे मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान घर पर काम करने वाली नौकरानी ने बुजुर्ग महिला को चाय दी, जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था।
बताया जा रहा है कि चाय पीने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में पहुंच गईं। इसके बाद आरोपी नौकरानी ने कथित तौर पर घर की अलमारी और तिजोरी से कीमती जेवरात तथा अन्य सामान निकाल लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर से फरार हो गई।
हालांकि, चोरी हुए सामान की कुल कीमत और नकदी की सटीक मात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस मामले की जांच के दौरान चोरी से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
परिजन घर पहुंचे तो बेसुध मिलीं बुजुर्ग महिला
घटना का पता उस समय चला, जब आशुतोष भल्ला के छोटे भाई की पत्नी घर पहुंचीं। वहां उन्होंने बुजुर्ग महिला को अचेत अवस्था में पाया। महिला की हालत देखकर परिजनों ने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों के लिए यह घटना बेहद चिंताजनक रही, क्योंकि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके साथ ही घर से कीमती सामान गायब होने की जानकारी मिलने पर चोरी का मामला भी सामने आया।
फिलहाल बुजुर्ग महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला को चाय में किस प्रकार का पदार्थ दिया गया था।
दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए रखी गई थी नौकरानी
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी नौकरानी की पहचान रोशनी के रूप में बताई गई है। वह मूल रूप से कोलकाता की निवासी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, उसे इसी साल जनवरी में दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नौकरानी को काम पर रखने से पहले उसके दस्तावेजों और पहचान की जांच की गई थी या नहीं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी ने उसका पुलिस सत्यापन कराया था या नहीं।
घरेलू सहायकों को नियुक्त करते समय पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच और स्थानीय पुलिस के माध्यम से सत्यापन कराना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस घटना के बाद प्लेसमेंट एजेंसी की भूमिका और नियुक्ति की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है।
सांसद अरुण गोविल भी मौके पर पहुंचे
डिफेंस कॉलोनी में हुई इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई। कारोबारी आशुतोष भल्ला का आवास सांसद अरुण गोविल के घर के ठीक बगल में बताया गया है। जानकारी के अनुसार, घटना की भनक लगने पर सांसद अरुण गोविल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
वीवीआईपी क्षेत्र के पास स्थित आवास में हुई इस वारदात ने स्थानीय निवासियों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों के बीच घरों में काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।
हालांकि, घटना के आसपास की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी देहात अभिजीत कुमार और सीओ सदर देहात सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी को दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था।
पुलिस फरार नौकरानी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके अलावा, उसके आने-जाने के संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के बाद आरोपी किस दिशा में गई और चोरी किए गए सामान को लेकर उसके संभावित ठिकाने कहां हो सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी जांच के प्रमुख बिंदु हैं।
घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन की जरूरत फिर चर्चा में
मेरठ की इस घटना ने घरेलू सहायकों को काम पर रखने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है। घरों में काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान, स्थायी पते और पूर्व कार्यस्थल से संबंधित जानकारी की जांच करना परिवारों की सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी हो सकता है।
इसके अलावा, प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारी रखने पर एजेंसी की विश्वसनीयता की पड़ताल करना भी जरूरी है। परिवारों को चाहिए कि वे संबंधित स्थानीय नियमों के अनुसार पुलिस सत्यापन कराएं और घर की चाबियों, तिजोरी तथा कीमती सामान की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था रखें।
फिलहाल मेरठ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बुजुर्ग महिला के स्वास्थ्य, चोरी गए सामान की वास्तविक मात्रा और आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़ी स्थिति जांच आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।

