CCSU में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर हंगामा, धरने पर बैठे छात्र; आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त
रिपोर्ट- मनीष पराशर
मेरठ- चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। चुनाव कराने में हो रही देरी से नाराज छात्र प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। इसके बाद मुख्य गेट और परिसर में छात्रों की भीड़ जुट गई। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग उठाई। हालांकि, विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीर पाल सिंह के आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया।
छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया बहाल करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और छात्रों से संवाद के जरिए स्थिति सामान्य करने पर जोर दिया।
छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर क्यों नाराज हैं विद्यार्थी?
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि जब देश के अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चुनाव कराने को लेकर देरी क्यों हो रही है? छात्रों ने विशेष रूप से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है, तो मेरठ स्थित सीसीएसयू में भी इस दिशा में पहल होनी चाहिए।
विद्यार्थियों के अनुसार, छात्रसंघ चुनाव से छात्रों को अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखने के लिए एक प्रतिनिधिक मंच मिलता है। इसके माध्यम से छात्र शिक्षा, छात्रावास, पुस्तकालय, परीक्षा और परिसर से जुड़ी अन्य समस्याओं को संगठित तरीके से उठा सकते हैं। इसलिए चुनाव को लेकर लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रहना विद्यार्थियों में असंतोष पैदा कर रहा है।
इसी नाराजगी के चलते छात्र प्रतिनिधियों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया और प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी की तैनाती
छात्रों के प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया। इसके साथ ही मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग की गई और आने-जाने वालों की जांच बढ़ा दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य परिसर में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना था। हालांकि, सुरक्षा इंतजामों के बीच बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग दोहराई।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेने के बजाय पुलिस बल के जरिए उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रदर्शनकारियों का आरोप है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों की तैनाती को परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता बताया गया।
चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों से की बातचीत
प्रदर्शन बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से बातचीत की पहल की। चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीर पाल सिंह प्रशासनिक अधिकारियों और प्रोक्टोरियल बोर्ड की टीम के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर उनसे बातचीत की।
इस दौरान छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और जल्द निर्णय लेने की मांग रखी। वहीं, चीफ प्रॉक्टर ने इस विषय को उच्चाधिकारियों और शासन स्तर पर बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ाने तथा सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल समाप्त करने की घोषणा की। इससे विश्वविद्यालय परिसर में जारी विरोध प्रदर्शन शांत हो गया। हालांकि, छात्रों की प्रमुख मांग यानी छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर अंतिम निर्णय की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
छात्र नीरज ने दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान छात्र नीरज ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जा सकते हैं, तो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चुनाव कराने को लेकर अनिश्चितता क्यों बनी हुई है?
नीरज के अनुसार, छात्रों को अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पुलिस बल की मौजूदगी के जरिए छात्रों के विरोध को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल धरना प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया है, लेकिन इसे आंदोलन का स्थायी अंत नहीं माना जाना चाहिए। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो छात्र फिर से आंदोलन शुरू करने और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
चीफ प्रॉक्टर बोले- परिसर में स्थिति सामान्य
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीर पाल सिंह ने बताया कि परिसर में शांति व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की हिदायत दी गई थी।
प्रो. सिंह के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बातचीत सफल रही। छात्रों ने प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है।
चुनाव बहाली पर फैसले का इंतजार
सीसीएसयू में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर हुआ यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने विद्यार्थियों की अपेक्षाओं को दर्शाता है। एक ओर छात्र जल्द चुनाव कराने और अपनी प्रतिनिधिक व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने बातचीत के जरिए स्थिति को शांत करने का प्रयास किया है।
फिलहाल चीफ प्रॉक्टर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया है, लेकिन छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर ठोस निर्णय सामने आना बाकी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर विद्यार्थियों की नजर रहेगी।
छात्रों ने साफ संकेत दिया है कि यदि उनकी मांग पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

