संत कबीर नगर: प्रभादेवी महाविद्यालय में जनगणना-2027 का प्रशिक्षण शुरू, एडीएम सत्य प्रकाश ने कहा—एक भी व्यक्ति न छूटे

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। भारत की जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की दिशा में संत कबीर नगर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में खलीलाबाद स्थित प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 26 अक्टूबर 2026 को द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के अंतर्गत प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना देश की दशा और दिशा तय करती है। इसलिए प्रत्येक प्रगणक यह सुनिश्चित करे कि गणना के दौरान एक भी व्यक्ति छूटने न पाए। उनके अनुसार, जनगणना के आंकड़े देश की आबादी की वास्तविक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की सही जानकारी दर्ज करना सभी संबंधित कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

फीता काटकर हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सत्य प्रकाश ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार और प्रशिक्षण कक्षा का फीता काटकर किया। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, प्रशिक्षकों और महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने जनगणना कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के संकल्प पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या की संख्या जानने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देश और समाज की सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जाती है। इसलिए गणना से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन सावधानीपूर्वक करना होगा।

एडीएम सत्य प्रकाश ने दिया शत-प्रतिशत गणना का संदेश

मुख्य अतिथि एवं जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे प्राप्त आंकड़े देश की आवश्यकताओं को समझने और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में उपयोगी होते हैं। इसलिए सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गणना के दौरान किसी भी व्यक्ति या परिवार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी को अपने निर्धारित क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। साथ ही, प्रश्नावली में दर्ज की जाने वाली जानकारी की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जनगणना की सफलता कर्मचारियों की कार्यकुशलता, ईमानदारी और समर्पण पर निर्भर करती है। ऐसे में प्रशिक्षण के प्रत्येक पहलू को समझना और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

प्रगणकों की लेखनी से बनेगी देश की तस्वीर: हृदय राम तिवारी

उप जिलाधिकारी एवं उप जिला जनगणना अधिकारी हृदय राम तिवारी ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रगणकों द्वारा एकत्र की गई जानकारी के आधार पर ही देश की जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आएगी। इसलिए प्रत्येक प्रगणक को अपने कार्य के प्रति सजग रहना चाहिए।

उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे गणना के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और किसी भी प्रकार की असमंजस की स्थिति होने पर संबंधित अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशिक्षण में बताई जाने वाली तकनीकी जानकारियों को अच्छी तरह समझने पर जोर दिया, ताकि वास्तविक कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

ऐप और प्रश्नावली की बारीकियां समझने की सलाह

तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी अनुराग कुमार यादव ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों और सुपरवाइजरों को जनगणना से संबंधित मोबाइल ऐप तथा प्रश्नावली को बारीकी से समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों और निर्धारित प्रारूपों का सही उपयोग जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे ऐप के संचालन, जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया और प्रश्नावली से संबंधित निर्देशों को ध्यानपूर्वक समझें। इसके अलावा, आंकड़ों को दर्ज करते समय सावधानी बरतें, ताकि गलत प्रविष्टियों की संभावना कम हो सके। प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को वास्तविक गणना कार्य के लिए तैयार करना है, इसलिए प्रत्येक सत्र में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

550 प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद तिवारी ने कार्यक्रम में पहुंचे अधिकारियों और अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत कुल लगभग 1,800 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर से लगभग 550 प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ है।

प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तहसील खलीलाबाद के कुल 550 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 450 प्रशिक्षु तहसील क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि 100 प्रशिक्षु नगरपालिका परिषद खलीलाबाद से जुड़े हैं। प्रशिक्षण को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए महाविद्यालय में 11 कक्षों की व्यवस्था की गई है।

अलग-अलग कक्षों में प्रशिक्षण संचालित किए जाने से प्रशिक्षुओं को जनगणना से संबंधित आवश्यक निर्देश, तकनीकी जानकारी और कार्यप्रणाली समझाने में सुविधा मिल रही है। अधिकारियों की ओर से इस बात पर भी जोर दिया गया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मचारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में गणना कार्य को जिम्मेदारी के साथ पूरा करें।

अधिकारियों और महाविद्यालय परिवार की रही सहभागिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला प्रभारी जनगणना सुजीत कुमार, प्रभादेवी ग्रुप के समन्वयक विजय कुमार राय, राजेश कुमार पांडेय, आरके संजय मिश्रा, राजस्व निरीक्षक चंद्रभूषण, हल्का लेखपाल ममता तिवारी तथा नगरपालिका परिषद खलीलाबाद से उमेश चौधरी, पंकज, राधेश्याम और सुधीर कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा डॉ. नागेंद्र सिंह, रितेश त्रिपाठी और महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। सभी ने जनगणना प्रशिक्षण को सफल बनाने और कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग दिया।

सटीक आंकड़ों से बनेगी बेहतर योजना की आधारशिला

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए शुरू किया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में गणना कार्य की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रगणकों और सुपरवाइजरों को निर्धारित प्रक्रिया, प्रश्नावली और डिजिटल उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है।

कुल मिलाकर, प्रशासन का उद्देश्य जनगणना कार्य को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना और आंकड़ों की विश्वसनीयता बनाए रखना है। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी। अब प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक गणना करें और किसी भी व्यक्ति को गणना से वंचित न रहने दें। एडीएम सत्य प्रकाश का संदेश—“एक भी व्यक्ति न छूटे”—इस पूरे अभियान की प्राथमिकता को स्पष्ट करता है।

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