मथुरा में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कांग्रेस ने अर्पित की पुष्पांजलि, मुकेश धनगर ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: महाकाव्य रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर मथुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में भरतपुर गेट स्थित जंक्शन रोड की वाल्मीकि वाटिका में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। साथ ही उनके जीवन, साहित्य और विचारों को याद करते हुए समाज में समानता, न्याय, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। विशेष रूप से रामायण में वर्णित आदर्श मानवता, कर्तव्य, सत्य और मर्यादा के महत्व को समझने की प्रेरणा देते हैं।

मुकेश धनगर ने महर्षि वाल्मीकि को किया नमन

कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि त्रिकालदर्शी आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसी अमर रचना के माध्यम से मानवता को सत्य, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें केवल ज्ञान और साहित्य का महत्व ही नहीं समझाता, बल्कि जरूरतमंदों और पीड़ितों के साथ खड़े होने की प्रेरणा भी देता है। इसके साथ ही उनके आदर्श अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देते हैं।

मुकेश धनगर ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।

रामायण के आदर्श आज भी प्रासंगिक

महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत के आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है। उनकी रचना में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का वर्णन मिलता है। रामायण भारतीय साहित्य और सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण कृति है, जिसने पीढ़ियों तक लोगों को नैतिकता और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा दी है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के संदेश को वर्तमान समय में भी समझने और अपनाने की जरूरत है। समाज में समानता, सम्मान और न्याय की भावना मजबूत करने के लिए उनके विचार मार्गदर्शक हो सकते हैं। वहीं, सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखना भी आवश्यक है।

इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनकी रचनाओं से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे महापुरुषों की जयंती लोगों को उनके योगदान को याद करने और उनके आदर्शों पर विचार करने का अवसर देती है।

विक्रम वाल्मीकि ने समानता और मानवीय गरिमा पर दिया जोर

कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि ने भी महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचारों में मानवता की आत्मा दिखाई देती है। उनके आदर्श समानता, न्याय और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज की परिकल्पना को सामने रखते हैं।

विक्रम वाल्मीकि ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की जयंती केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों को समझने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा लेने का भी अवसर है। उनके अनुसार, सभी लोगों को आपसी सद्भाव के साथ रहना चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी लोगों को सपरिवार शुभकामनाएं और बधाई भी दी। साथ ही सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।

वाल्मीकि वाटिका में जुटे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता

भरतपुर गेट जंक्शन रोड स्थित वाल्मीकि वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान उनके योगदान और आदर्शों को याद किया गया।

पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में वाल्मीकि जयंती समारोह के अध्यक्ष अरुण कश्यप, राजन पाठक, जिला उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी, केके गौतम, मनोज गौड़, रमेश कश्यप, राजा गौतम, पंकज चौधरी, सागर माहौर, अशोक वाल्मीकि, करन वाल्मीकि, आकाश वाल्मीकि, विवेक कुमार, राजेश कुमार और सुरेश शर्मा सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इसके साथ ही सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सामाजिक समरसता का संदेश देकर संपन्न हुआ कार्यक्रम

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि रामायण जैसी महान रचना आज भी लोगों को सत्य, प्रेम, करुणा, कर्तव्य और मर्यादा का महत्व समझाती है।

कुल मिलाकर, मथुरा की वाल्मीकि वाटिका में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम श्रद्धा और सामाजिक समरसता के संदेश पर केंद्रित रहा। मुकेश धनगर और अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को याद करते हुए समाज में समानता, न्याय, भाईचारे और मानवीय गरिमा को महत्व देने की अपील की।