मथुरा के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से की कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा: उत्तर प्रदेश के पंजीकृत व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग को लेकर मथुरा के व्यापारियों ने अपनी आवाज बुलंद की है। द ट्रेडर्स एसोसिएशन मथुरा के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के व्यापारी वर्ग के लिए विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष चिराग अग्रवाल ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से व्यापारी प्रदेश के विकास में लगातार योगदान देते हैं, इसलिए उनके और उनके परिवारों के लिए भी समर्पित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की आवश्यकता है।

व्यापारियों ने रखी कैशलेस स्वास्थ्य योजना की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की घोषणा की है। व्यापारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मांग की कि इसी प्रकार प्रदेश के पंजीकृत व्यापारियों के लिए भी मुख्यमंत्री व्यापारी कैशलेस स्वास्थ्य योजना शुरू की जाए।

व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश में लाखों छोटे, मध्यम और बड़े व्यापारी कार्यरत हैं, जो राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में व्यापारी परिवार अभी भी समुचित स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था से वंचित हैं।

व्यापारियों को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़

द ट्रेडर्स एसोसिएशन मथुरा के चेयरमैन संजय चतुर्वेदी ने कहा कि व्यापारी समाज को देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं, बल्कि सरकार को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के रूप में महत्वपूर्ण राजस्व भी प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों में कई व्यापारी परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि व्यापारी वर्ग के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू होती है, तो उन्हें समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिलेगी।

ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें

एसोसिएशन के महासचिव दीपक सिंघल और सचिव पवन ठाकुर ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी शामिल किए। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश के सभी पंजीकृत व्यापारियों और उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

इसके अलावा उन्होंने प्रस्ताव रखा कि—

  • प्रदेश के सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  • प्रत्येक पात्र व्यापारी के लिए व्यापारी हेल्थ कार्ड जारी किया जाए।
  • योजना में गंभीर बीमारियों, दुर्घटना की स्थिति और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को शामिल किया जाए।
  • योजना का प्रारूप तैयार करते समय व्यापारी संगठनों से सुझाव लिए जाएं, ताकि यह अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बन सके।

व्यापारियों का कहना है कि यदि इन सुझावों को योजना में शामिल किया जाता है, तो इसका लाभ व्यापक स्तर पर व्यापारी समुदाय तक पहुंच सकेगा।

व्यापारी परिवारों को मिलेगा आर्थिक संबल

एसोसिएशन के अध्यक्ष चिराग अग्रवाल ने कहा कि कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू होने से प्रदेश के लाखों व्यापारी परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में उपचार का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार व्यापारियों के लिए अलग स्वास्थ्य योजना लागू करती है, तो इससे चिकित्सा व्यय का आर्थिक बोझ कम होगा और व्यापारी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी पहल से सरकार और व्यापारी वर्ग के बीच विश्वास और सहयोग भी मजबूत होगा।

स्वास्थ्य सुरक्षा को बताया आवश्यक

व्यापारियों का कहना है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए सभी वर्गों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य वर्गों की तरह व्यापारियों को भी स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की आर्थिक प्रगति में निरंतर योगदान देता है। इसलिए उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया ज्ञापन

व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र को सौंपा और अनुरोध किया कि इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए।

व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी और व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेगी।

बड़ी संख्या में व्यापारी रहे उपस्थित

ज्ञापन सौंपने के दौरान द ट्रेडर्स एसोसिएशन मथुरा के कई पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष चिराग अग्रवाल, चेयरमैन संजय चतुर्वेदी, महासचिव दीपक सिंघल, सचिव पवन ठाकुर, अंकित गोयल, राहुल अग्रवाल, रोहित अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।

सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में व्यापारी हितों से जुड़े विषयों पर सरकार के समक्ष अपनी बात रखने और भविष्य में भी सकारात्मक संवाद बनाए रखने की बात कही।

व्यापारी संगठनों की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापारी संगठन समय-समय पर व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रशासन और सरकार के समक्ष रखते हैं। इस प्रकार के ज्ञापन संवाद का एक लोकतांत्रिक माध्यम होते हैं, जिनके जरिए विभिन्न वर्ग अपनी आवश्यकताओं और सुझावों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हैं।

यदि स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी योजनाओं पर विभिन्न हितधारकों के सुझावों के साथ विचार किया जाए, तो इससे अधिक प्रभावी और व्यवहारिक नीति तैयार की जा सकती है।

मथुरा में द ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश के पंजीकृत व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री व्यापारी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।

व्यापारियों ने सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार, व्यापारी हेल्थ कार्ड जारी करने तथा गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं को योजना में शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।

अब इस मांग पर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित निर्णय पर व्यापारियों की नजरें टिकी हैं। यदि भविष्य में इस दिशा में कोई नीति बनती है, तो इसका लाभ प्रदेश के बड़ी संख्या में व्यापारी परिवारों तक पहुंच सकता है।

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