मथुरा-वृंदावन में बिजली संकट पर कांग्रेस का सरकार पर निशाना, यतेंद्र मुकद्दम ने व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा: मथुरा-वृंदावन में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में मथुरा-वृंदावन महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकद्दम ने शहर की विद्युत व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में देश-विदेश में पहचान रखने वाले मथुरा-वृंदावन में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि, वर्तमान समय में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है।
बिजली संकट को लेकर जताई चिंता
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिजली किसी भी शहर की मूलभूत आवश्यकता है। इसके अभाव में घरेलू जीवन, व्यापार, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मथुरा-वृंदावन के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उनका कहना था कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल आपूर्ति, घरेलू कार्यों और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
भाजपा नेताओं के बयानों का किया उल्लेख
यतेंद्र मुकद्दम ने अपने बयान में कहा कि बिजली संकट को लेकर अब सत्तारूढ़ दल के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा भी सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी श्याम चतुर्वेदी सहित कुछ अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता जता रहे हैं, तो यह विषय व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ माना जाना चाहिए। हालांकि, इन दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
सरकार और विद्युत विभाग से उठाई मांग
कांग्रेस नेता ने प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग से मांग की कि मथुरा-वृंदावन की विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही उन्होंने विद्युत आपूर्ति में आने वाली बाधाओं के कारणों की समीक्षा करने और आवश्यक तकनीकी सुधार करने की भी आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि यदि कहीं उपकरणों में खराबी या अन्य तकनीकी समस्याएं हैं, तो उनका समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
जवाबदेही तय करने की मांग
यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और नियमित बिजली उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनहित के मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़े विषयों पर सभी संबंधित पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद होना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर विद्युत आपूर्ति की नियमित निगरानी तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
आंदोलन की चेतावनी
यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ और लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो महानगर कांग्रेस जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाना है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
बिजली व्यवस्था का व्यापक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शहर में नियमित बिजली आपूर्ति केवल घरेलू सुविधा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी होती है। इसलिए विद्युत व्यवस्था में सुधार से आम नागरिकों के साथ-साथ स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।
मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में नियमित बिजली आपूर्ति श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में विद्युत विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण या सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी जारी की जाती है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मथुरा-वृंदावन में बिजली आपूर्ति को लेकर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकद्दम ने प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
उन्होंने लगातार बिजली कटौती को आम जनता के लिए गंभीर समस्या बताते हुए नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, अघोषित कटौती पर रोक लगाने और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अब इस पूरे मामले में लोगों की निगाहें विद्युत विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समयबद्ध सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को राहत मिलने की संभावना है।

