कोसी कलां के बिश्लोकर मोहल्ले में 16 घंटे से बिजली गुल, महिलाओं का विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
रिपोर्ट: योगेश भारद्वाज
मथुरा: मथुरा जिले के कोसी कलां स्थित बिश्लोकर मोहल्ले में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया।
लगातार करीब 16 घंटे तक बिजली नहीं आने से परेशान महिलाओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने से पूरे मोहल्ले की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई। घरों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो गए और छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि मौके पर समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बिजली संकट से प्रभावित हुई सामान्य दिनचर्या
बिश्लोकर मोहल्ले में बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर लोगों के दैनिक जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अधिकांश घरों में पानी की मोटर बिजली से संचालित होती है।
ऐसे में बिजली न होने के कारण लोगों को पीने के पानी और घरेलू उपयोग के लिए पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, गर्म मौसम में लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी और बढ़ गई।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि बिजली कटौती के कारण घरों के आवश्यक कार्य भी प्रभावित हुए। कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा। इससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई।
महिलाओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ जताया विरोध
लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच दर्जन भर महिलाओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाती तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता। उन्होंने विभाग से मांग की कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
अधिकारियों तक पहुंचीं महिलाएं, नहीं मिली सुनवाई
महिलाओं के अनुसार, वे अपनी शिकायत लेकर पहले विद्युत विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्हें एक्सईएन कार्यालय जाने की सलाह दी गई। हालांकि, जब वे एक्सईएन कार्यालय पहुंचीं तो संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं मिले। उनका आरोप है कि इस कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी मौके पर उपलब्ध होते और समस्या का समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाते, तो लोगों को इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता।
महिलाओं ने विभागीय अधिकारियों से आम नागरिकों की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग भी की।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हुई अधिक परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली न होने का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ा। गर्म मौसम के बीच लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
वहीं, कई घरों में मोबाइल फोन और अन्य जरूरी उपकरण भी चार्ज नहीं हो सके, जिससे लोगों की दैनिक आवश्यकताओं पर असर पड़ा।
इसके अलावा, घरों में इनवर्टर भी लंबे समय तक बिजली नहीं आने के कारण जवाब दे गए। परिणामस्वरूप अधिकांश परिवारों को बिना बिजली के ही समय बिताना पड़ा।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो वे अपना विरोध जारी रखेंगी। उनका कहना है कि नागरिकों को नियमित बिजली उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
महिलाओं ने यह भी मांग की कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के वास्तविक कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को सही स्थिति का पता चल सके। साथ ही, भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विभाग की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में स्थानीय लोग विभाग की प्रतिक्रिया और बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई की जानकारी जारी की जाती है, तो स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों को समाधान की उम्मीद
बिश्लोकर मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि वे किसी प्रकार के विवाद के बजाय केवल अपनी मूलभूत सुविधा की बहाली चाहते हैं। उनका मानना है कि समय पर शिकायतों का समाधान होने से इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सकता है। वहीं, लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द आवश्यक कदम उठाकर बिजली आपूर्ति सामान्य करेंगे|
कोसी कलां के बिश्लोकर मोहल्ले में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोगों, विशेष रूप से महिलाओं में नाराजगी देखने को मिली। पानी की समस्या, गर्म मौसम और दैनिक कार्यों में आई बाधा के कारण लोगों ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। फिलहाल सभी की निगाहें विद्युत विभाग की आगामी कार्रवाई और बिजली आपूर्ति बहाल होने पर टिकी हैं। यदि विभाग शीघ्र समाधान करता है तो स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है

