गुजैनी झूलेलाल मंदिर का 36वां स्थापना दिवस श्रद्धा से मनाया, स्वास्थ्य शिविर और पौधरोपण अभियान की घोषणा
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: दक्षिण कानपुर के गुजैनी स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में 36वां स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सेवा की भावना के साथ मनाया गया। दिनभर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, झूलेलाल चालीसा पाठ, शर्बत वितरण तथा समाजसेवियों के सम्मान जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर भगवान झूलेलाल से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
सुबह से शुरू हुए धार्मिक आयोजन
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रातःकाल मंदिर परिसर में भगवान झूलेलाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से झूलेलाल चालीसा का पाठ किया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान भक्तों ने देश, समाज और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इसके पश्चात मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए शर्बत वितरण का आयोजन किया गया। गर्म मौसम को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि सेवा कार्य भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है और समाज को जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी है।
मंदिर के सेवकों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाधा आश्रम, मर्दनपुर के मनीष बसतानी ने मंदिर के लंबे समय से सेवा कार्यों से जुड़े प्रमुख सेवकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मंदिर अध्यक्ष मनोज माखीजा, अशोक भटेजा, कमल रोचलानी, राजकुमार बजाज, रमेश सिहवानी और मनोहर लाल आडवाणी शामिल रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज और धार्मिक संस्थाओं की निरंतर सेवा करने वाले लोगों का सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सेवा भावना को मजबूत करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
स्थापना दिवस समारोह के दौरान महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष संकल्प भी लिया। उन्होंने घोषणा की कि दक्षिण क्षेत्र के झूलेलाल मंदिरों के आसपास स्थित पार्कों में “एक पेड़ भगवान झूलेलाल के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया जाएगा।
बताया गया कि इस अभियान की शुरुआत 12 जुलाई को कानपुर-उन्नाव खंड स्नातक क्षेत्र के विधायक अरुण पाठक द्वारा गुजैनी झूलेलाल मंदिर से की गई थी। अब इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए 16 जुलाई से 24 अगस्त तक दक्षिण क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा।
मंदिर समिति के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया है।
शाम को भजन-कीर्तन और धार्मिक उत्सव
दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों के बाद शाम को मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। महिलाओं ने भगवान झूलेलाल की महिमा का गुणगान करते हुए मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। श्रद्धालुओं ने ढोल की थाप पर उत्साहपूर्वक स्थापना दिवस की खुशी मनाई।
मंदिर अध्यक्ष मनोज माखीजा ने बताया कि सुबह आयोजित पल्लव अरदास में समाज की सुख-समृद्धि, शांति और आपसी भाईचारे की कामना की गई। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल का संदेश सदैव मानवता, सेवा और सद्भाव का रहा है तथा समाज को इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
बहराणा साहब का किया गया जलाभिषेक
स्थापना दिवस के धार्मिक कार्यक्रमों के अंतर्गत देर रात बहराणा साहब का दूध से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार बहराणा साहब को मर्दनपुर स्थित पांडव नदी में श्रद्धापूर्वक विसर्जित किया गया।
मंदिर समिति के अनुसार, यह धार्मिक परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है और श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ इसमें भाग लेते हैं। कार्यक्रम पूरे धार्मिक अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
21 जुलाई को लगेगा निशुल्क स्वास्थ्य एवं मोतियाबिंद जांच शिविर
कार्यक्रम के दौरान मंदिर के महामंत्री राजकुमार बजाज ने बताया कि 21 जुलाई को सुबह 9 बजे से गुजैनी झूलेलाल मंदिर परिसर में निशुल्क स्वास्थ्य एवं मोतियाबिंद जांच शिविर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अंतर्गत आंखों की जांच, मोतियाबिंद की पहचान, रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), शुगर की जांच तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण निशुल्क किए जाएंगे।
इसके अलावा होम्योपैथिक विशेषज्ञों द्वारा खुजली, त्वचा संबंधी समस्याएं, चेहरे के मस्से, ल्यूकोरिया, बवासीर, बाल झड़ना तथा अन्य चर्म रोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
चिकित्सीय विशेषज्ञ देंगे सेवाएं
मंदिर समिति के अनुसार, शिविर में नोबुल हॉस्पिटल की महिला चिकित्सक डॉ. वीनस सचान, लैब टेक्नीशियन डॉ. पुष्पांजलि तथा डॉ. दिव्या सहित अन्य चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
आयोजकों ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि वे शुरुआती अवस्था में ही विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उचित उपचार प्राप्त कर सकें।
आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए विशेष व्यवस्था
शिविर में आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए भी विशेष सुविधा उपलब्ध रहेगी। समिति ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक अपने साथ आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और आवश्यक पंजीकरण दस्तावेज लेकर आएं।
आयोजन समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि शिविर में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण आवश्यक है। इच्छुक नागरिक दिए गए संपर्क नंबर पर पंजीकरण कराकर शिविर का लाभ उठा सकते हैं।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का संदेश
गुजैनी झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता दी गई। इससे यह संदेश गया कि धार्मिक संस्थाएं समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
गुजैनी स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर का 36वां स्थापना दिवस श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न हुआ। झूलेलाल चालीसा पाठ, शर्बत वितरण, सेवकों का सम्मान, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ पौधरोपण अभियान तथा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर की घोषणा कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया। धार्मिक आस्था के साथ समाजहित के इन प्रयासों को स्थानीय लोगों ने सराहना के साथ स्वागत किया।

