कानपुर कैटरर्स एसोसिएशन ने सांसद रमेश अवस्थी को सौंपा ज्ञापन, समस्याओं के समाधान की मांग
रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर। शहर में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े छोटे और मध्यम कारोबारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कानपुर कैटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सांसद रमेश अवस्थी को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यवसायियों और उनके कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कराकर आवश्यक समाधान कराने की मांग की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कानपुर शहर में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम स्तर के कैटरिंग व्यवसायी विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और अन्य अवसरों पर लोगों को भोजन एवं आयोजन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। यह कारोबार केवल कैटरर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारीगर, रसोइये, सर्विस स्टाफ, वाहन चालक और अन्य लोग भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय की समस्याओं का असर इससे जुड़े लोगों की आजीविका पर भी पड़ता है।
विवाह सीजन में बढ़ता है काम, ऑफ सीजन में आती है परेशानी
कैटरर्स एसोसिएशन के अनुसार कैटरिंग व्यवसाय में पूरे वर्ष काम की स्थिति एक जैसी नहीं रहती। विशेष रूप से नवंबर से फरवरी के बीच विवाह और अन्य आयोजनों का सीजन होने के कारण कैटरिंग कारोबार में काफी वृद्धि होती है। इस दौरान कैटरर्स को लगातार विभिन्न कार्यक्रमों में सेवाएं देनी पड़ती हैं।
वहीं, दूसरी ओर ऑफ सीजन में आयोजनों की संख्या कम होने के कारण काम भी घट जाता है। परिणामस्वरूप कैटरिंग व्यवसायियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार और आय से जुड़ी कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। एसोसिएशन का कहना है कि छोटे और मध्यम कैटरिंग व्यवसायियों के लिए यह मौसमी उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती है।
खाऊ गली में कैटरर्स को दुकानें उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में एसोसिएशन ने कैटरिंग व्यवसायियों की अलग-अलग पहचान और उनके पारंपरिक स्वाद का भी उल्लेख किया। पदाधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक कैटरर की अपनी विशेष रेसिपी, स्वाद और भोजन की अलग पहचान होती है। किसी कैटरर की चाट प्रसिद्ध होती है तो किसी के तंदूर, विशेष सब्जियां, मिठाइयां या पारंपरिक व्यंजन ग्राहकों के बीच लोकप्रिय होते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने खाऊ गली में उपलब्धता और निर्धारित नियमों के अनुसार करीब 20 दुकानें पात्र एवं इच्छुक कैटरिंग व्यवसायियों को उपलब्ध कराने की मांग की है। एसोसिएशन का मानना है कि यदि कैटरिंग व्यवसायियों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाता है तो उन्हें अपने उत्पाद और व्यंजनों को व्यवस्थित तरीके से लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। साथ ही इससे छोटे कारोबारियों को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
रात में काम से लौटते समय पुलिस जांच की समस्या
कैटरर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन में रात के समय काम समाप्त करके लौटने वाले कर्मचारियों और वाहनों से संबंधित समस्या भी उठाई। एसोसिएशन का कहना है कि विवाह या अन्य कार्यक्रम अक्सर देर रात तक चलते हैं। ऐसे में कैटरिंग कर्मचारी और वाहन चालक काम समाप्त करने के बाद रात में अपने घर लौटते हैं।
पदाधिकारियों के मुताबिक कई बार रास्ते में कैटरिंग कार्य से लौट रहे कर्मचारियों और वाहनों को पुलिस जांच के दौरान रोक लिया जाता है। वाहनों की तलाशी और पूछताछ के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसोसिएशन ने मांग की कि कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कर्मचारियों और वाहनों की पहचान स्पष्ट करने के लिए जारी किए जाने वाले पास को संबंधित पुलिस विभागों द्वारा मान्यता दी जाए, ताकि वास्तविक कैटरिंग कार्य से लौट रहे लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
प्रतिबंधित यातायात क्षेत्रों में सामान पहुंचाने में दिक्कत
इसके अलावा एसोसिएशन ने उच्चवर्गीय रिहायशी क्षेत्रों और अन्य ऐसे इलाकों में होने वाले कार्यक्रमों का मुद्दा भी सांसद के सामने रखा, जहां यातायात व्यवस्था के कारण वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध या नियंत्रण रहता है। कैटरिंग कार्यक्रमों के लिए सजावटी सामान, भोजन तैयार करने की सामग्री, बर्तन और अन्य आवश्यक उपकरण वाहनों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने पड़ते हैं।
ऐसे में यदि संबंधित क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती है तो कैटरर्स को सामान पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। कई बार सामान को दूर खड़े वाहन से कार्यक्रम स्थल तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ जाते हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि वास्तविक कार्यक्रमों के लिए कैटरिंग वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत आवश्यक प्रवेश सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सिविल और ट्रैफिक पुलिस से पास मान्य करने की मांग
एसोसिएशन ने विशेष रूप से कैटरर्स और उनके वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले पास को सिविल पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा मान्यता दिए जाने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि कैटरिंग व्यवसायियों के लिए उचित पहचान व्यवस्था और पास की व्यवस्था हो तथा पुलिस एवं ट्रैफिक विभाग उसे स्वीकार करें, तो जांच के दौरान होने वाली अनावश्यक परेशानी को कम किया जा सकता है।
एसोसिएशन ने सांसद रमेश अवस्थी से अनुरोध किया कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कराकर कैटरिंग व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान कराने की पहल करें। संगठन का कहना है कि प्रशासन और कैटरिंग व्यवसायियों के बीच बेहतर समन्वय से नियमों का पालन करते हुए कारोबार को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है।
कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को राहत की उम्मीद
कैटरर्स एसोसिएशन का कहना है कि शहर में छोटे और मध्यम कैटरिंग व्यवसाय रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सांसद और संबंधित विभागों के स्तर पर सकारात्मक पहल होने से कैटरिंग व्यवसायियों के साथ-साथ उनके कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करना नहीं, बल्कि नियमों के दायरे में रहकर कैटरिंग व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। अब कैटरिंग व्यवसायियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर संबंधित विभाग जल्द विचार करेंगे और आवश्यक समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।

