बिजनौर में हनीट्रैप गैंग पर पुलिस का शिकंजा, तीन फर्जी आधार कार्ड के साथ महिला गिरफ्तार
रिपोर्ट – ताबिष मिर्ज़ा
बिजनौर। नजीबाबाद थाना क्षेत्र में कथित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने बब्बू लंगड़ा गैंग से जुड़ी बताई जा रही एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला के पास से तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई हनीट्रैप मामले में चल रही जांच के दौरान की गई है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, कथित गिरोह पर लोगों को हनीट्रैप के जरिए अपने जाल में फंसाने और बाद में दबाव बनाकर अवैध वसूली करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि गिरोह से जुड़े लोग पहले लोगों से संपर्क करते थे और इसके बाद उन्हें कथित तौर पर दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म जैसे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
इसके बाद संबंधित लोगों पर दबाव बनाकर धन की मांग किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसकी गतिविधियां किन-किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।
हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। मामले में अदालत के समक्ष साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद होने का दावा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला की पहचान शबाना के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि शबाना कथित तौर पर बब्बू लंगड़ा गैंग से जुड़ी हुई थी। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से तीन अलग-अलग फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब इन दस्तावेजों के इस्तेमाल और उनके तैयार होने के स्रोत की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इन पहचान पत्रों का इस्तेमाल कथित आपराधिक गतिविधियों के दौरान पहचान छिपाने या अलग-अलग नामों से संपर्क करने के लिए किया गया था।
17 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
नजीबाबाद थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, जिन लोगों से कथित तौर पर संपर्क किया गया या जिनसे धन की मांग की गई, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गिरोह का संचालन किस तरह किया जाता था और इसमें प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरोह पर लोगों को दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर धन वसूलने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित या आरोपी बनाए जाने के डर का इस्तेमाल कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
ऐसे मामलों की जांच में पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल फोन, संपर्क नंबरों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारियों को महत्वपूर्ण मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
बब्बू लंगड़ा गैंग पर पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में बब्बू लंगड़ा गैंग का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई और तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देश पर टीमों द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का फोकस कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने पर है।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के बीच आपसी संपर्क किस माध्यम से होता था और कथित वसूली के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी
नजीबाबाद थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एक महिला की गिरफ्तारी और तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद होने के बाद जांच को एक नया आधार मिला है। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, आरोपियों के संपर्क और कथित वसूली से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
इस कार्रवाई के बाद बिजनौर पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि पूछताछ और जांच के दौरान कथित हनीट्रैप नेटवर्क से जुड़े और कितने नाम सामने आते हैं।

