ईपीएफओ कानपुर में हिंदी पखवाड़ा-2026 का पुरस्कार वितरण के साथ हुआ समापन
रिपोर्ट : हरि शंकर शर्मा
कानपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर में गुरुवार को हिंदी पखवाड़ा-2026 का उत्साह और गरिमा के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर कार्यालय परिसर में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजभाषा हिंदी के प्रति कर्मचारियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग का संकल्प लिया गया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. पंकज चतुर्वेदी, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज, कानपुर, अपर केंद्रीय आयुक्त प्रथम उदय बक्शी तथा प्रभारी राजभाषा अधिकारी अमित कुमार बाजपेई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मां सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। समारोह में ईपीएफओ कानपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
हिंदी पखवाड़े के दौरान कार्यालय में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समापन समारोह के दौरान इन प्रतियोगिताओं के विजेता कार्मिकों की घोषणा की गई तथा उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी अभिनव द्विवेदी ने हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने राजभाषा संबंधी कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट भी पेश की। रिपोर्ट के माध्यम से कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों और कर्मचारियों की सहभागिता को रेखांकित किया गया।
इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक कामकाज का सहज हिस्सा बनाया जाना चाहिए। सरल और स्पष्ट भाषा में सरकारी कार्य करने से आम लोगों तक सूचनाओं और सेवाओं की पहुंच को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
हिंदी राष्ट्रीय अस्मिता और संपर्क का सशक्त माध्यम : प्रो. पंकज चतुर्वेदी
समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. पंकज चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में हिंदी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कर्मचारियों से प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों में सरल, सहज और मानक हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया। उनके अनुसार, सरकारी कार्यालयों में ऐसी भाषा का उपयोग होना चाहिए जिसे आम नागरिक आसानी से समझ सके। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी के प्रयोग के प्रति निरंतर जागरूक रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने हिंदी पखवाड़े जैसे आयोजनों को राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। साथ ही कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे अपने नियमित कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें और भाषा को व्यवहारिक रूप से अपनाएं।
सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग संवैधानिक दायित्व : उदय बक्शी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अपर केंद्रीय आयुक्त प्रथम उदय बक्शी ने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राजभाषा में कार्य करना हमारा संवैधानिक दायित्व है। इसलिए सरकारी कार्यालयों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदी में सरकारी कामकाज को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। यदि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का सहज और प्रभावी इस्तेमाल किया जाए तो इससे राजभाषा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।
उन्होंने हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। साथ ही विजेताओं को पुरस्कार मिलने पर उनका उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई।
हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प
ईपीएफओ कानपुर में आयोजित हिंदी पखवाड़ा-2026 के समापन समारोह का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं और पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के नियमित और प्रभावी उपयोग का संदेश भी दिया गया।
वर्तमान समय में सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जुड़ी जानकारी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में सरल भाषा का प्रयोग नागरिकों के लिए जानकारी को समझना आसान बनाता है। इसी दृष्टि से कार्यालयीन कार्यों में स्पष्ट और सहज हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित गतिविधियों ने कर्मचारियों को भाषा के प्रति अपनी रुचि और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया। पुरस्कार वितरण के माध्यम से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया गया तथा अन्य कर्मचारियों को भी भविष्य में ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
समारोह के अंत में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने राजभाषा हिंदी के संवर्धन तथा कार्यालयीन कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में ईपीएफओ कानपुर के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस प्रकार पुरस्कार वितरण और प्रेरक संबोधनों के साथ हिंदी पखवाड़ा-2026 का समापन हुआ।

