मुरादाबाद में मतदाता जागरूकता अभियान शुरू, 62% मतदान का रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी

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रिपोर्ट – मो. अरशद

मुरादाबाद। मुरादाबाद में लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए प्रशासन ने मतदाता जागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी है। ‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत स्वीप (SVEEP) मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के पहले चरण का आयोजन पंचायत भवन में किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करना और मतदान प्रतिशत में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन को केवल अवकाश का दिन न मानें, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के रूप में मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से उन मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी की जा रही है, जहां पिछले चुनाव में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा था।

पंचायत भवन से शुरू हुआ जागरूकता अभियान

पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाता और बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मतदान के महत्व, मतदाता की जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने से नहीं, बल्कि अधिक से अधिक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है। इसलिए प्रशासन का प्रयास है कि मतदान को लेकर लोगों में सकारात्मक माहौल तैयार किया जाए और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित न रहने दिया जाए।

62 प्रतिशत मतदान से आगे बढ़ने का लक्ष्य

पिछले चुनाव में मुरादाबाद में करीब 62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। अब प्रशासन इस आंकड़े को और बेहतर करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके लिए कम मतदान वाले बूथों की पहचान की जा रही है। साथ ही, इन क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष गतिविधियां संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

प्रशासन का मानना है कि यदि मतदाताओं को उनके मत की उपयोगिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका के बारे में प्रभावी तरीके से जानकारी दी जाए, तो मतदान प्रतिशत में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्वीप कार्यक्रम के माध्यम से अलग-अलग वर्गों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

युवाओं और नए मतदाताओं पर विशेष जोर

मतदाता जागरूकता अभियान में युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों से जुड़े विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें मतदान के महत्व की जानकारी दी जा रही है।

पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इसके अलावा बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित जानकारी और मतदान प्रक्रिया को लेकर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कम मतदान वाले बूथों पर रहेगा फोकस

प्रशासन की रणनीति में कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों की पहचान प्रमुख हिस्सा है। ऐसे बूथों पर मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार जैसी गतिविधियों का सहारा लिया जाएगा।

दरअसल, किसी भी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए केवल व्यापक प्रचार पर्याप्त नहीं होता। इसलिए प्रशासन बूथ स्तर तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं तक मतदान का संदेश पहुंचाया जाएगा।

मतदान को छुट्टी नहीं, जिम्मेदारी मानने की अपील

अधिकारियों ने मतदाताओं से स्पष्ट अपील की है कि मतदान के दिन को केवल छुट्टी के रूप में न देखें। इसके बजाय प्रत्येक पात्र नागरिक मतदान केंद्र तक पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करे।

प्रशासन का संदेश है कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट की अपनी भूमिका होती है। इसलिए किसी भी पात्र मतदाता को मतदान से दूर नहीं रहना चाहिए। खासतौर पर युवा, महिलाएं, पहली बार मतदान करने वाले नागरिक और ऐसे क्षेत्र जहां पिछले चुनाव में मतदान कम रहा, वहां जागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

‘सेवा से संकल्प’ अभियान के तहत आगे भी होंगे प्रयास

‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत शुरू किए गए इस स्वीप कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है। प्रशासन की कोशिश है कि मतदान से पहले अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाए और उन्हें मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाए।

इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों, बीएलओ, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, मतदाताओं को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, मुरादाबाद प्रशासन ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। पिछले चुनाव में दर्ज करीब 62 प्रतिशत मतदान को आधार बनाते हुए अब प्रशासन की नजर बेहतर मतदान प्रतिशत हासिल करने पर है। आने वाले दिनों में कम मतदान वाले बूथों पर विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

प्रशासन को उम्मीद है कि मतदाता जागरूकता अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोग मतदान के लिए आगे आएंगे। यदि मतदाता अपने अधिकार और जिम्मेदारी को समझते हुए मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं, तो निश्चित रूप से लोकतांत्रिक भागीदारी को और व्यापक बनाया जा सकता है।