सोनभद्र में फर्जी नंबर प्लेट से गांजा तस्करी का खुलासा, 2.85 क्विंटल गांजा के साथ दो गिरफ्तार
रिपोर्ट- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन शुद्धि के तहत पिपरी पुलिस ने की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से करीब 2 क्विंटल 85 किलोग्राम अवैध गांजा, एक महिन्द्रा XUV वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में की गई। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मेविस टॉक और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में पिपरी पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान आरोपियों को पकड़ा।
संदिग्ध XUV देखकर पुलिस ने शुरू की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर की रात मुर्धवा-रनटोला मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मुर्धवा से लगभग दो किलोमीटर आगे पुलिस टीम को एक महिन्द्रा XUV वाहन दिखाई दिया। बताया गया कि पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक ने अचानक वाहन पीछे की ओर मोड़कर वहां से निकलने का प्रयास किया।
हालांकि, पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। इसके बाद वाहन में सवार दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस को वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई।
195 पैकेट में मिला 2.85 क्विंटल गांजा
तलाशी के दौरान पुलिस को वाहन की पिछली सीट के नीचे और डिग्गी में प्लास्टिक टेप से पैक किए गए कई पैकेट मिले। जांच करने पर इन पैकेटों में अवैध गांजा होने की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार, कुल 195 पैकेटों में 2 क्विंटल 850 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से दो नंबर प्लेट और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद नंबर प्लेटों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वाहन को तस्करी के दौरान पहचान छिपाने के लिए किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
महोबा और कबरई के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उमेश अहिरवार (23) निवासी महोबा और महिपाल पाल (23) निवासी कबरई के रूप में की है। दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिलने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर महोबा पहुंचाते थे। इसके बदले उन्हें प्रत्येक चक्कर के लिए 20-20 हजार रुपये दिए जाने की बात तय थी। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच अभी जारी है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा की खेप ओडिशा में किस स्थान से हासिल की जाती थी और इसे महोबा तक पहुंचाने के बाद किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इसके साथ ही पुलिस बरामद मोबाइल फोन और वाहन से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस तस्करी के संभावित नेटवर्क, वाहन के इस्तेमाल और फर्जी नंबर प्लेट से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना पिपरी में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद दोनों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
दरअसल, सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए जिले के कई मार्गों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध वाहनों की निगरानी करती रहती हैं। इसी क्रम में पिपरी पुलिस द्वारा की जा रही चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई सामने आई।
फिलहाल पुलिस बरामद गांजे के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इससे पहले कितनी बार इस तरह की तस्करी की थी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।

