कानपुर आरटीओ कार्यालय में दलालों पर शिकंजा, सुरक्षा के लिए तैनात हुए 6 होमगार्ड

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रिपोर्ट: हरि शंकर शर्मा

कानपुर। आरटीओ कार्यालय कानपुर नगर में आम आवेदकों को बेहतर, पारदर्शी और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कार्यालय परिसर में बिचौलियों और अराजक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ ही सुरक्षा के लिए छह होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन के इस कदम के बाद आरटीओ परिसर में प्रवेश और गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।

दरअसल, आरटीओ कार्यालय परिसर में बीते दिनों एक बिचौलिये द्वारा एक महिला से मारपीट किए जाने की घटना सामने आई थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ (प्रशासन) श्रीमती कहकशां खातून ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कानपुर के जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरटीओ कार्यालय की सुरक्षा के लिए छह होमगार्ड जवान उपलब्ध कराए।

छह होमगार्ड जवानों की अलग-अलग स्थानों पर तैनाती

प्रशासन की ओर से तैनात किए गए छह होमगार्ड जवानों को आरटीओ कार्यालय परिसर के महत्वपूर्ण प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लगाया गया है। इनमें परिसर के बाहरी दोनों मुख्य द्वार, भीतरी मुख्य द्वार, साइड गेट और सारथी भवन के द्वार को शामिल किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालय में आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करना है। इसके अलावा, कार्यालय परिसर में किसी भी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति पैदा होने से पहले उसे रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने किया आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण

सुरक्षा व्यवस्था लागू किए जाने के साथ ही आरटीओ कार्यालय परिसर का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया। आरटीओ (प्रशासन) राकेन्द्र कुमार सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव, एआरटीओ (प्रशासन) श्रीमती कहकशां खातून और मोटरयान निरीक्षक संतोष कुमार ने कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यालय में आने वाले आवेदकों की सुविधा, प्रवेश व्यवस्था और परिसर की गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि आरटीओ कार्यालय में वाहन संबंधी सेवाओं के लिए आने वाले आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए कार्यालय के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है।

दलालों और अराजक तत्वों के प्रवेश पर रोक

एआरटीओ (प्रशासन) कहकशां खातून ने स्पष्ट किया कि कार्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरटीओ कार्यालय में आने वाले आम आवेदकों को सेवाएं प्राप्त करने के लिए किसी बिचौलिये पर निर्भर न होना पड़े, इसके लिए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।

इसी क्रम में दलालों और अराजक तत्वों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यालय परिसर में केवल वैध कार्य से आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और अनधिकृत रूप से परिसर में मौजूद व्यक्तियों को हटाया जाए।

प्रशासन के इस कदम से आरटीओ कार्यालय में बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आम लोगों को अपने वाहन संबंधी काम सीधे कार्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अस्थाई दुकानों और सामान फैलाकर बैठने वालों पर भी कार्रवाई

सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आरटीओ परिसर को व्यवस्थित रखने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। कार्यालय के अंदर बिना अनुमति के अस्थाई दुकानें चलाने वालों और सामान फैलाकर बैठने वाले लोगों को परिसर से बाहर कर दिया गया है।

प्रशासन का मानना है कि कार्यालय परिसर में अनधिकृत गतिविधियों के कारण न केवल आवेदकों को परेशानी होती है, बल्कि प्रवेश और आवागमन की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए ऐसे स्थानों को खाली कराया गया है, ताकि कार्यालय आने वाले लोगों को सुचारु तरीके से अपनी सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा हो।

आम आवेदकों को मिलेगी राहत

आरटीओ कार्यालय में वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर में बेहतर सुरक्षा और व्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था आम आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण है।

अब छह होमगार्ड जवानों की तैनाती से कार्यालय के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ गई है। इससे अनधिकृत लोगों के प्रवेश को रोकने और कार्यालय की व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, प्रशासन की सख्ती से उन लोगों पर भी प्रभाव पड़ेगा जो बिना अनुमति के परिसर में दुकान या अन्य गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखना और आम नागरिकों को बिना अनावश्यक हस्तक्षेप के सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

पारदर्शी व्यवस्था पर प्रशासन का जोर

कुल मिलाकर, कानपुर आरटीओ कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कई स्तरों पर कदम उठाए हैं। छह होमगार्ड जवानों की तैनाती, प्रवेश द्वारों पर निगरानी और अनधिकृत गतिविधियों पर कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, आम आवेदकों को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी वातावरण मिलेगा।