बांदा में लेखपाल संघ का आंदोलन का ऐलान, 3 अक्टूबर से चरणबद्ध प्रदर्शन

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रिपोर्ट: शानू वर्मा

बांदा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जनपद इकाई बांदा ने अपनी लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ के जिलामंत्री रविन्द्र कुमार यादव के अनुसार, लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए संगठन की ओर से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत अक्टूबर महीने में अलग-अलग चरणों में धरना, कार्य बहिष्कार, ज्ञापन, काली पट्टी बांधकर विरोध और मोटरसाइकिल रैली जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं।

लेखपाल संघ का कहना है कि संगठन की मांगों पर अपेक्षित स्तर पर समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है। संघ ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा जारी करते हुए सभी कार्यक्रमों की तारीख और समय निर्धारित किया है। संगठन के मुताबिक, मांगों के समाधान तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

3 अक्टूबर को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार

आंदोलन की शुरुआत 3 अक्टूबर से होगी। इस दिन जनपद के लेखपाल संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना दिया जाएगा। धरने के बाद संबंधित एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।

संघ की ओर से कहा गया है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। साथ ही मांगों के शीघ्र निस्तारण की अपेक्षा की जाएगी।

8 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार

आंदोलन के दूसरे चरण में 8 अक्टूबर को लेखपाल तहसील प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर निकलेंगे। इसके अलावा विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।

इनमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, फार्मर रजिस्ट्रेशन समेत अन्य ऑनलाइन कार्य शामिल हैं। संघ के अनुसार, इस चरण का उद्देश्य लंबित मांगों को लेकर प्रशासन और शासन तक संगठन की बात पहुंचाना है।

10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर करेंगे कार्य

इसके बाद 10 अक्टूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य करेंगे। संगठन ने इसे विरोध दर्ज कराने के शांतिपूर्ण तरीके के रूप में तय किया है। इस दौरान लेखपाल अपने नियमित दायित्वों के बीच काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जताएंगे।

वहीं, 12 अक्टूबर को तहसील और जिला मुख्यालय स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। संघ ने आंदोलन के बीच सामाजिक सरोकार से जुड़े इस कार्यक्रम को भी शामिल किया है।

14 अक्टूबर को निकलेगी मोटरसाइकिल रैली

आंदोलन के अगले चरण में 14 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ का उद्देश्य इस कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखना है।

संगठन ने अपने सभी सदस्यों से निर्धारित कार्यक्रमों में सहभागिता करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने की बात कही गई है।

17 से 23 अक्टूबर तक तहसीलों में कार्य बहिष्कार

आंदोलन का एक महत्वपूर्ण चरण 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि में लेखपाल तहसील स्तर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।

संघ के अनुसार, इस चरण में तहसील स्तर पर संगठन की एकजुटता दिखाई जाएगी और लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि मांगों का समाधान नहीं होता है तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की घोषणा की गई है।

24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन

संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन मांगों के समाधान तक जारी रखने की बात कही गई है।

जिलामंत्री रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि संगठन का संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलेगा। उन्होंने बताया कि लेखपाल संघ की ओर से अपनी मांगों को शासन और प्रशासन के समक्ष विभिन्न माध्यमों से रखा जाएगा। आंदोलन के प्रत्येक चरण में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विरोध दर्ज कराया जाएगा।

प्रशासन के सामने बढ़ेगी चुनौती

लेखपालों की ओर से प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कई कार्य प्रभावित होने की संभावना है। विशेष रूप से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, वरासत तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन जैसे ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार से आम लोगों को सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

हालांकि, आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल लेखपाल संघ ने अपना कार्यक्रम घोषित कर दिया है और 3 अक्टूबर से आंदोलन की शुरुआत करने की तैयारी है।

संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन का ध्यान आकर्षित करना है। अब देखना होगा कि निर्धारित चरणों में होने वाले कार्यक्रमों के बीच प्रशासन और संघ के बीच वार्ता होती है या नहीं और लंबित मांगों को लेकर क्या समाधान निकलता है।

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