भेटुआ सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी
रिपोर्ट: अंजनी मिश्रा
अमेठी। जिले के भेटुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में गुरुवार को आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और संगिनियां एकत्र हुईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिमन्यु वर्मा को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने, सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने और भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित विभिन्न मांगें प्रमुखता से उठाईं।
महंगाई को देखते हुए निश्चित मानदेय की मांग
प्रदर्शन के दौरान आशा संगिनी सावित्री शुक्ला ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय में परिवार का खर्च चलाना कठिन हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आशा बहुओं को प्रतिमाह 18 हजार रुपये और आशा संगिनियों को 24 हजार रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाए।
उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न अभियानों और योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उनके कार्य और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए निश्चित मासिक मानदेय की व्यवस्था की जानी चाहिए।
स्थायी या संविदा कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
वहीं भगवती तिवारी ने आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को स्वास्थ्य विभाग में स्थायी अथवा संविदा कर्मचारी का दर्जा देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़कर काम कर रही कार्यकर्ताओं को रोजगार से संबंधित अधिक स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था मिलनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद आशा कार्यकर्ताओं को 10 लाख रुपये एकमुश्त भुगतान और पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का प्रावधान होने से कार्यकर्ताओं को भविष्य को लेकर राहत मिल सकती है।
30 दिनों के कार्य का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग
आशा कार्यकर्ता संगीता सिंह ने कहा कि कार्यरत आशा बहुओं और संगिनियों को महीने के सभी 30 दिनों के कार्य का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न गतिविधियों में लगातार जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसे में काम के अनुरूप भुगतान की व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने मांग की कि भुगतान प्रणाली को स्पष्ट और नियमित बनाया जाए, ताकि आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय या प्रोत्साहन राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
स्मार्टफोन, 5जी सिम और आवागमन की सुविधा की मांग
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहीं नीलू सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट फोन, 5जी सिम और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई कार्य अब डिजिटल माध्यम से किए जा रहे हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसके अलावा उन्होंने आवागमन के लिए स्कूटी और साइकिल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। इसलिए आवागमन की सुविधा मिलने से कार्यकर्ताओं को अपने दायित्वों का निर्वहन करने में मदद मिल सकती है।
परिवारों को आयुष्मान कार्ड और सामाजिक सुरक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों के परिवारों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने की मांग भी की। इसके साथ ही उन्होंने ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में वे विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगी।
हालांकि, फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई हैं। अब उनकी नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है।
प्रदर्शन के दौरान नीलू सिंह, सरिता यादव, सुमित्रा शुक्ला, संध्या सिंह, मीना शुक्ला, रानी सिंह, मिथिलेश तिवारी, शीला सिंह, सावित्री शुक्ला, भगवती तिवारी, निर्मला सिंह, मालती शर्मा और सरिता सिंह समेत बड़ी संख्या में आशा बहुएं और आशा संगिनियां मौजूद रहीं।
नोट: इस खबर में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा रखी गई मांगों और प्रदर्शन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर प्रस्तुत की गई है।

