कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से हुआ जलभराव, महापौर ने जरौली पहुंचकर लिया जायजा – प्रभावितों को बांटा राशन

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रिपोर्ट – सुहैल अंसारी 

कानपुर: पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जरौली संतोषपुरम नई बस्ती समेत आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार सुबह महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों, जलकल एवं इंजीनियरिंग टीम और क्षेत्रीय पार्षद के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और मौके पर राहत एवं आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जलभराव वाले इलाकों में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नगर निगम की टीम को स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए भी कहा गया।

संतोष बाबा मंदिर के पीछे जलभराव का लिया जायजा

महापौर मंगलवार सुबह संतोष बाबा मंदिर के पीछे स्थित जरौली संतोषपुरम नई बस्ती पहुंचीं। पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया।

इस दौरान जलकल विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की टीम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। क्षेत्रीय पार्षद ने भी महापौर को जलभराव से जुड़ी स्थानीय समस्याओं की जानकारी दी। अधिकारियों से स्थिति के बारे में जानकारी लेने के बाद महापौर ने जल निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों और किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां जल निकासी की आवश्यकता है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रभावित बस्तियों में नगर निगम की टीम को सक्रिय रहने और लोगों की जरूरतों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को वितरित किया राशन

निरीक्षण के दौरान महापौर ने जलभराव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें राहत सामग्री के रूप में राशन का वितरण किया।

महापौर ने कहा कि जलभराव की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल उसका समाधान किया जाए।

उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि नगर निगम की टीम उनके साथ है और राहत एवं सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।

आश्रय स्थल पहुंचे, परिवारों से की मुलाकात

इसके बाद महापौर ने आई ब्लॉक कंपोजिट विद्यालय, जरौली में बनाए गए आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। जलभराव के कारण यहां आश्रय लिए हुए परिवारों से उन्होंने मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

महापौर ने परिवारों से बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि नगर निगम की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आश्रय स्थल में रह रहे परिवारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा।

उन्होंने विशेष रूप से साफ-सफाई, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों से उपलब्ध संसाधनों की जानकारी लेने के साथ ही निर्देश दिए कि आश्रय स्थल पर रह रहे लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर CMO को दिए निर्देश

जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए महापौर ने मौके से ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से बातचीत की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए।

महापौर ने कहा कि जलभराव की स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को सक्रिय किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से प्रभावित परिवारों की प्राथमिक जांच और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आती है तो उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जल निकासी पर नगर निगम का फोकस

निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक जोर जल निकासी की व्यवस्था को लेकर रहा। महापौर ने जलकल और इंजीनियरिंग विभाग की टीम को निर्देश दिया कि जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकालने के लिए आवश्यक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव की स्थिति को केवल तत्काल राहत तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पानी की निकासी के बाद क्षेत्र में साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जहां जरूरत हो, वहां जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा कर स्थायी समाधान की दिशा में भी काम किया जाए।

इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम की सफाई टीम को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया।

प्रभावित परिवारों को राहत देने पर जोर

महापौर के निरीक्षण के दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। जलकल एवं इंजीनियरिंग टीम ने क्षेत्र की स्थिति और जल निकासी से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।

महापौर ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता समय पर पहुंचे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर निगम की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और जल निकासी जैसे सभी बिंदुओं पर एक साथ काम किया जाना चाहिए।

पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से जरौली क्षेत्र में बने जलभराव के बीच महापौर के निरीक्षण से नगर निगम की राहत व्यवस्था को सक्रिय करने पर जोर दिया गया है। अब संबंधित विभागों के सामने प्रभावित क्षेत्र से पानी निकालने और लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।

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