सोनभद्र के गुलाब समूह के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, रोजाना मॉल से हुआ एमओयू
रिपोर्ट- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और स्थानीय संसाधनों से तैयार उत्पाद अब बड़े बाजार तक पहुंच बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सोनभद्र के करमा ब्लॉक स्थित गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए नोएडा में आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में महत्वपूर्ण पहल हुई है। ट्रेड शो के दौरान गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह और रोजाना मॉल के बीच उत्पादों की बिक्री को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।
इस एमओयू के बाद समूह की महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को संगठित बाजार और बेहतर बिक्री नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद बढ़ी है। खास तौर पर शुद्ध सरसों का तेल, रागी से तैयार उत्पाद, शहद और अन्य स्थानीय उत्पादों को उपभोक्ताओं तथा कारोबारियों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। ऐसे में यह पहल ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
ट्रेड शो में उत्पादों को मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोनभद्र के विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। यहां स्थानीय स्तर पर तैयार खाद्य पदार्थों और अन्य उपयोगी उत्पादों को उपभोक्ताओं के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। इसके अलावा कारोबारियों और बाजार से जुड़े संस्थानों के साथ सीधे संवाद का मंच भी उपलब्ध हुआ है।
इसी क्रम में गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह के उत्पादों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से शुद्ध सरसों का तेल, रागी से तैयार रागी ठोकवा, शहद और बकरी के दूध से तैयार साबुन जैसे उत्पादों को लेकर लोगों ने रुचि दिखाई। स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने के कारण इनकी मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
समूह की सदस्य मधुबाला के अनुसार, महिलाओं द्वारा तैयार शुद्ध सरसों का तेल, रागी ठोकवा और बकरी के दूध से बने साबुन की बिक्री के लिए रोजाना मॉल के साथ एमओयू किया गया है। उनके मुताबिक ट्रेड शो में उत्पादों को उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारियों की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
स्थानीय बिक्री से बड़े बाजार की ओर बढ़ा कदम
अब तक गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मुख्य रूप से अपने उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में करती रही हैं। स्थानीय स्तर पर बिक्री होने से समूह को आय तो मिलती थी, लेकिन बाजार का दायरा सीमित था। अब रोजाना मॉल जैसे संगठित बिक्री नेटवर्क से जुड़ने के बाद इन उत्पादों की पहुंच व्यापक होने की उम्मीद है।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय संसाधनों और अपने कौशल का इस्तेमाल करके विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं। हालांकि, कई बार बेहतर उत्पाद होने के बावजूद उन्हें बड़े बाजार तक पहुंच बनाने में कठिनाई आती है। ऐसी स्थिति में बाजार से सीधा जुड़ाव महिलाओं के उत्पादों को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ बिक्री बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।
इसी वजह से गुलाब समूह और रोजाना मॉल के बीच हुआ एमओयू केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए बाजार से जुड़ने के एक अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार की मांग को समझने का अनुभव मिल सकता है।
रागी और शहद समेत स्थानीय उत्पादों की मांग
ट्रेड शो में सोनभद्र के उत्पादों में सरसों के तेल और रागी से तैयार खाद्य पदार्थों के साथ शहद को लेकर भी लोगों की रुचि देखने को मिल रही है। रागी जैसे स्थानीय अनाज से तैयार उत्पादों को बाजार में अलग पहचान मिल रही है। वहीं, शहद और प्राकृतिक सामग्री से तैयार अन्य उत्पाद भी उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रहे हैं।
इसके अलावा बकरी के दूध से तैयार साबुन जैसे उत्पाद ग्रामीण समूहों की विविध उत्पादन क्षमता को सामने लाते हैं। इन उत्पादों के माध्यम से महिलाएं स्थानीय संसाधनों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ रही हैं। परिणामस्वरूप, ग्रामीण स्तर पर छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं के लिए आय के नए अवसर भी बन सकते हैं।
महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद की उम्मीद
गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बड़े बाजार से जुड़ना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नियमित बिक्री होने पर उनकी आय को स्थिर आधार मिल सकता है। बेहतर बाजार मिलने से उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता होगी और इसके साथ समूह की अधिक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
वहीं, कारोबारियों से सीधे संपर्क होने के कारण समूह को बाजार की मांग, ग्राहकों की पसंद और उत्पादों की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी भी मिल सकती है। इसके आधार पर महिलाएं अपने उत्पादों में आवश्यक बदलाव कर सकती हैं। आगे चलकर ब्रांडिंग और पैकेजिंग को बेहतर बनाने से स्थानीय उत्पादों की बाजार में पहचान और मजबूत हो सकती है।
इंटरनेशनल ट्रेड शो बना कारोबार का मंच
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने ग्रामीण महिला समूहों को अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। यहां उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ संभावित खरीदारों, कारोबारियों और बाजार से जुड़े संस्थानों के साथ संपर्क स्थापित करने का अवसर भी मिल रहा है।
गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह और रोजाना मॉल के बीच हुआ एमओयू इसी संपर्क का एक महत्वपूर्ण परिणाम है। इससे समूह के उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे ले जाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
कुल मिलाकर, सोनभद्र की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का बड़े बाजार से जुड़ना महिला उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यदि उत्पादों की नियमित बिक्री, बेहतर ब्रांडिंग और मजबूत वितरण नेटवर्क कायम होता है, तो आने वाले समय में समूह की महिलाओं के कारोबार का दायरा और बढ़ सकता है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के अधिक अवसर तैयार होने की उम्मीद है।

