अमेठी में डीएम ने आश्रम पद्धति कॉलेज का किया निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर परखा भोजन
रिपोर्ट – अंजली मिश्रा
अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, असैदापुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, छात्रावास की व्यवस्थाओं, पढ़ाई और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले विद्यालय के मेस में पहुंचे। उन्होंने वहां भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और साफ-सफाई की स्थिति देखी। इसके बाद डीएम ने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और खाने की गुणवत्ता को स्वयं परखा। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि छात्राओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेस की स्वच्छता व्यवस्था को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं को साफ और सुरक्षित वातावरण में भोजन मिल सके।
छात्रावास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां छात्राओं के लिए उपलब्ध पेयजल, बिजली, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या गीता वर्मा ने छात्रावास में कुछ तख्तों की कमी की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
समस्या की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने उपलब्ध फंड से आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने छात्रावास की नियमित साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी करते रहने को कहा।
कक्षाओं में छात्राओं से की बातचीत
जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं से बातचीत के दौरान डीएम ने उनकी पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया।
उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से पढ़ाई करने और विद्यालय की सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षण कार्य की स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने सभी शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने और अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में चल रहे मरम्मत कार्यों की स्थिति भी देखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे कराए जाएं। साथ ही, उन्होंने कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने की बात कही।
विद्यालय परिसर और मैदान के आसपास उगी बड़ी घास को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसकी तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित रहना चाहिए, ताकि छात्राओं को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
जिलाधिकारी के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को समझना और जहां आवश्यकता हो, वहां सुधार सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन, छात्रावास, शिक्षा, शिक्षकों की उपस्थिति, साफ-सफाई और परिसर की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली।
इस प्रकार, अमेठी के राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर में जिलाधिकारी का निरीक्षण विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की शिक्षा और सुविधाओं से जुड़े मामलों में नियमित निगरानी के साथ आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। इससे विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

