कानपुर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने एएचएम, डफरिन और यूएचएम अस्पताल का किया निरीक्षण – पढ़िए दिशा-निर्देश

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने एएचएम एवं डफरिन जिला महिला अस्पताल तथा यूएचएम जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं, दवाइयों, उपकरणों और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अस्पतालों की व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं की नियमित निगरानी भी जरूरी है। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

डफरिन अस्पताल में कई चिकित्सा इकाइयों का लिया जायजा

निरीक्षण की शुरुआत डफरिन जिला महिला अस्पताल से हुई। यहां जिलाधिकारी ने इमरजेंसी एवं ट्रायेज व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने प्रसूति वार्ड और मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट (MLCU) की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं के संबंध में संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से जानकारी ली।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने पीपीसी वार्ड, एसएनसीयू वार्ड और स्तनपान प्रबंधन इकाई (LMU) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि इन इकाइयों में मरीजों और नवजात शिशुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध हैं या नहीं।

वहीं, अस्पताल के फार्मेसी एवं औषधि केंद्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

डफरिन अस्पताल की ओपीडी में उन्होंने योग कक्ष, एनीमिया प्रबंधन इकाई और मॉडल टीकाकरण केंद्र का भी निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों से इन केंद्रों की कार्यप्रणाली और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली गई।

यूएचएम अस्पताल में दवाओं और उपकरणों की स्थिति देखी

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने यूएचएम जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ओपीडी, ब्लड बैंक और डेंगू वार्ड समेत विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की सुविधा और उपचार व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।

इस दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाली सभी आवश्यक मशीनें सुचारु रूप से संचालित रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी चिकित्सा उपकरण या मशीन में तकनीकी खराबी आती है, तो उसकी मरम्मत के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। किसी उपकरण के लंबे समय तक खराब रहने से मरीजों को होने वाली असुविधा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर विशेष जोर

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि अस्पतालों का निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं को देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि मरीजों को निर्धारित स्वास्थ्य मानकों और शासन के निर्देशों के अनुरूप सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में प्रतिदिन काम करने वाले चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं से बेहतर तरीके से परिचित होते हैं। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से बताए जाने वाले सुधार संबंधी सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार समन्वय बनाए रखा जाए। इसके साथ ही जिन व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी सामने आती है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए।

सुधार कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जहां-जहां सुधार अथवा अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता है, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए।

इसके बाद इन बिंदुओं को जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आवश्यक कार्यों की समीक्षा कर संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई की जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार एक सतत प्रक्रिया है। इसलिए अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार नई सुविधाओं और सुधार कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जरूरी कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी, डफरिन चिकित्सालय की अधीक्षिका डॉ. रुचि जैन सहित संबंधित चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ-साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निरीक्षण में सामने आने वाले सुधार संबंधी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।

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