आजमगढ़ में पेंशनरों का धरना-प्रदर्शन, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से की त्वरित कार्रवाई की मांग

WhatsApp Image 2026-09-29 at 2.34.12 PM

रिपोर्ट – पीतेश्वर कुमार

आजमगढ़। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी, पेंशनर एवं शिक्षक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मंगलवार को आजमगढ़ में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान आमसभा आयोजित कर पेंशनरों से जुड़ी 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का प्रमुख आधार होती है। इसलिए बदलती परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई को देखते हुए पेंशन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने की जरूरत है।

आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने सरकार के सामने आठवें वेतन आयोग से संबंधित अपनी मांग को प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि पेंशनरों को भी वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी वेतन एवं पेंशन व्यवस्था में होने वाले बदलावों का लाभ मिल सके।

इसके अलावा 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें और दैनिक खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए वरिष्ठ पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलना आवश्यक है।

पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग

पेंशनरों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों में पेंशन को आयकर से मुक्त किए जाने की मांग भी शामिल की। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन को वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इसी क्रम में कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते के बकाये का भुगतान किए जाने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान जोर-शोर से उठाई गई।

पेंशनरों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान महंगाई भत्ते की राशि रोके जाने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। इसलिए इस अवधि के लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान किए जाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट की मांग

धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने की मांग भी रखी गई। पेंशनरों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा खर्च में राहत मिलने से उन्हें काफी सुविधा हो सकती है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग भी की गई।

पेंशनरों के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ता है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त कैशलेस उपचार की व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। इसी कारण उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की मांग सरकार के सामने रखी।

महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में मर्ज करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में मर्ज करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा असर वरिष्ठ नागरिकों के दैनिक खर्च पर पड़ता है। इसलिए पेंशन व्यवस्था में ऐसे प्रावधान किए जाने चाहिए, जिससे पेंशनरों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिल सके।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी की गई। पेंशनरों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विषयों पर प्रभावी तरीके से विचार करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित आयोग की आवश्यकता है।

12 सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय की अपील

आमसभा में संगठन के पदाधिकारियों और अन्य वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से 12 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

धरना-प्रदर्शन में सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक, संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी समस्याओं और मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है, ताकि लंबित मुद्दों पर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

फिलहाल, आजमगढ़ में हुए इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पेंशनरों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी अपेक्षाएं रखी हैं। अब पेंशनर संगठनों को सरकार की ओर से इन मांगों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

You may have missed