अल्हेदादपुर कलां में गन्ना क्रय केंद्र यथास्थिति रखने की किसानों ने डीएम से की मांग
रिपोर्ट – इकबाल अंसारी अमरोहा
अमरोहा। जनपद अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव अल्हेदादपुर कलां के किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव में संचालित गन्ना क्रय केंद्र को पूर्व की तरह यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यह क्रय केंद्र पिछले कई वर्षों से चांगीपुर चीनी मिल के अंतर्गत संचालित होता आ रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी गन्ने की फसल की आपूर्ति करने में सुविधा मिलती है।
किसानों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि गांव के गन्ना क्रय केंद्र की व्यवस्था में बदलाव किए जाने की चर्चा से किसानों में चिंता है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है और आसपास के किसान इसी क्रय केंद्र के माध्यम से अपनी गन्ने की फसल की आपूर्ति करते हैं। ऐसे में किसानों की सुविधा को देखते हुए क्रय केंद्र को पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही संचालित रखा जाना चाहिए।
क्रय केंद्र में बदलाव को लेकर किसानों ने जताई चिंता
किसानों के मुताबिक, अल्हेदादपुर कलां में चांगीपुर चीनी मिल का गन्ना क्रय केंद्र पिछले कई वर्षों से संचालित है। इस केंद्र के माध्यम से गांव और आसपास के क्षेत्र के किसान अपनी गन्ने की फसल की आपूर्ति करते हैं। किसानों का कहना है कि यदि क्रय केंद्र को किसी दूसरी चीनी मिल से संबद्ध किया जाता है या इसकी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाता है, तो उन्हें गन्ने की आपूर्ति में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए जांच कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही क्रय केंद्र के संबंध में कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रार्थना पत्र में फर्जी हस्ताक्षर का आरोप
किसानों ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मलेशिया शुगर मिल के कर्मचारियों की ओर से क्रय केंद्र को लेकर एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। किसानों का दावा है कि उक्त प्रार्थना पत्र में गांव के चार लोगों के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
किसानों के अनुसार, संबंधित प्रार्थना पत्र पर ग्राम प्रधान की मोहर भी लगाई गई है। किसानों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन चार लोगों के हस्ताक्षर प्रार्थना पत्र में किए जाने की बात कही जा रही है, उनकी वास्तविक सहमति और हस्ताक्षरों की भी जांच की जानी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। किसानों ने प्रशासन से दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
चार ग्रामीणों के शपथ पत्र भी सौंपे
किसानों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र के साथ संबंधित चार व्यक्तियों के शपथ पत्रों की प्रतियां भी संलग्न की हैं। किसानों का कहना है कि इन शपथ पत्रों के माध्यम से संबंधित लोगों की स्थिति स्पष्ट होती है और प्रशासन को मामले की जांच में सहायता मिल सकती है।
किसानों ने मांग की है कि उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाए। इसके बाद ही गन्ना क्रय केंद्र के संचालन को लेकर कोई निर्णय लिया जाए। किसानों का कहना है कि गन्ना खरीद का सीजन उनके लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस दौरान क्रय केंद्र की व्यवस्था में अचानक बदलाव होने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
डीएम से पूर्व व्यवस्था बनाए रखने की मांग
किसानों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराने के साथ ही अल्हेदादपुर कलां के गन्ना क्रय केंद्र को पूर्व की भांति चांगीपुर चीनी मिल के अंतर्गत संचालित रखने की मांग की है। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था से वे लंबे समय से परिचित हैं और इसी क्रय केंद्र के माध्यम से अपनी गन्ने की फसल की आपूर्ति करते आ रहे हैं।
इसके अलावा किसानों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि क्रय केंद्र को लेकर प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र और उसमें किए गए हस्ताक्षरों की वास्तविकता की जांच की जाए। यदि किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसके हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया है, तो जांच के बाद इसकी स्थिति भी स्पष्ट की जाए।
किसानों के लिए क्रय केंद्र की सुविधा अहम
गन्ना किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर संचालित क्रय केंद्र महत्वपूर्ण होते हैं। इससे किसानों को अपनी फसल की आपूर्ति के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती। ऐसे में अल्हेदादपुर कलां के किसानों का कहना है कि वर्तमान क्रय केंद्र उनके लिए सुविधाजनक है और इसे किसी अन्य व्यवस्था से जोड़ने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्रय केंद्र की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखा जाए। साथ ही, केंद्र को लेकर सामने आए प्रार्थना पत्र और कथित हस्ताक्षरों के मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
इस मामले में किसान जितेंद्र चौहान ने भी क्रय केंद्र को पूर्व की तरह संचालित रखने की मांग का समर्थन किया है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि जिलाधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।

