बिजनौर के नहटौर में हनीट्रैप गिरोह का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; पहले 12 भेजे जा चुके हैं जेल
रिपोर्ट – ताबिश मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हनीट्रैप से जुड़े एक कथित संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को गंभीर धाराओं में झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर समझौते के नाम पर पैसे की मांग करता था। इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने रविता गौतम उर्फ रविता देवी और पत्रकार नौशाद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। जांच एजेंसियां गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कथित गिरोह का तरीका लोगों को अपने जाल में फंसाने के बाद उन्हें गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देना था। इसके बाद कथित तौर पर समझौता कराने के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी। पुलिस इस पूरे मामले को संगठित तरीके से संचालित किए जाने की आशंका के आधार पर जांच कर रही है।
हालांकि, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से जुड़े दस्तावेज, शिकायतें और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पहले 12 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में नहटौर पुलिस की ओर से पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, कथित गिरोह से जुड़े 12 आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब रविता गौतम उर्फ रविता देवी और पत्रकार नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गिरोह किस तरह लोगों से संपर्क करता था और उनके खिलाफ मुकदमे की धमकी देकर कथित तौर पर धन की मांग कैसे की जाती थी। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बिंदु गिरोह के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना है। इसके तहत गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर इस तरह की गतिविधियों को कितने समय से संचालित किया जा रहा था और इसमें किस स्तर पर लोगों की भूमिका थी।
इसके अलावा, पुलिस द्वारा यह भी जांच की जा सकती है कि जिन लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया, उनसे किस प्रकार संपर्क किया गया और समझौते के नाम पर धन की मांग से जुड़े क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा जांच का दायरा
बिजनौर के नहटौर में हुई इस कार्रवाई को पुलिस की चल रही जांच की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। पहले 12 गिरफ्तारियों के बाद अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी से मामले में कथित नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने, धमकी देने या समझौते के नाम पर धन मांगने जैसी शिकायत का सामना करना पड़े तो वह तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दे। इससे ऐसे मामलों की जांच समय रहते की जा सकती है।
फिलहाल नहटौर पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

