नेक्स्ट जेन 2.0 से ई-चालान व्यवस्था में बदलाव, पीछे बैठी सवारी का भी कटेगा चालान

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 रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर। कानपुर में यातायात नियमों का पालन कराने और ई-चालान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किया है। विभाग के ई-चालान सिस्टम को ‘नेक्स्ट जेन 2.0’ वर्जन पर अपडेट किया गया है। इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों को चालान का भुगतान करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। अब चालान जारी होने के बाद मोबाइल पर भेजे जाने वाले QR कोड को स्कैन करके घर बैठे जुर्माने का भुगतान किया जा सकेगा।

इसके अलावा नए ई-चालान एप्लिकेशन में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े कुछ प्रावधानों को भी शामिल किया गया है। खासतौर पर दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट को लेकर व्यवस्था को और स्पष्ट किया गया है।

हेलमेट नहीं लगाने पर पीछे बैठी सवारी का भी चालान

नए ई-चालान सिस्टम में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के हेलमेट नहीं लगाने की स्थिति में चालान करने का विकल्प शामिल किया गया है। यानी अब केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठी सवारी द्वारा हेलमेट नियम का उल्लंघन किए जाने पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।

इस बदलाव का उद्देश्य दोपहिया वाहन पर सफर करने वाले चालक और सहयात्री दोनों के बीच हेलमेट के इस्तेमाल को लेकर जागरूकता और नियमों का पालन बढ़ाना है। परिवहन विभाग की नई तकनीकी व्यवस्था में ऐसे उल्लंघनों को दर्ज करने के लिए अलग विकल्प उपलब्ध कराया गया है।

इसी तरह नशे में वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई के लिए नए एप्लिकेशन में विकल्प जोड़ा गया है। इससे चालान प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से दर्ज करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

QR कोड से घर बैठे कर सकेंगे चालान का भुगतान

ई-चालान व्यवस्था में किए गए प्रमुख बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब चालान के साथ मोबाइल पर QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा। वाहन चालक इस QR कोड को स्कैन करके ऑनलाइन माध्यम से जुर्माने की राशि जमा कर सकेगा।

इससे वाहन चालकों को चालान का भुगतान करने के लिए संबंधित कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही डिजिटल भुगतान की सुविधा से प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय की बचत होने की उम्मीद है।

हालांकि, वाहन चालकों को यह ध्यान रखना होगा कि चालान से संबंधित किसी भी भुगतान के लिए केवल अधिकृत डिजिटल माध्यम का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान लिंक या संदिग्ध QR कोड के माध्यम से भुगतान करने से बचना जरूरी है।

23 सितंबर से बंद थी ई-चालान प्रक्रिया

तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते कानपुर में परिवहन विभाग की ई-चालान प्रक्रिया 23 सितंबर से प्रभावित थी। सिस्टम को नए वर्जन पर अपडेट किए जाने के बाद सोमवार से इसे दोबारा शुरू कर दिया गया।

यात्री कर अधिकारी दीपक सिंह के अनुसार, सिस्टम के दोबारा शुरू होने के बाद पहले दिन करीब 150 वाहनों के चालान काटे गए। हालांकि, नए सिस्टम को लागू किए जाने के बाद कुछ तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर करने का काम जारी है।

इसके साथ ही पुराने सर्वर पर उपलब्ध डेटा को नए सिस्टम पर अपलोड करने की प्रक्रिया भी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी अपडेशन के दौरान डेटा और सिस्टम को नए प्लेटफॉर्म के साथ समन्वित किया जा रहा है।

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था अलग

ई-चालान व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के ई-चालान एप्लिकेशन अलग-अलग हैं। इसलिए परिवहन विभाग का सिस्टम दोबारा शुरू हो जाने का मतलब यह नहीं है कि ट्रैफिक पुलिस की चालान प्रक्रिया भी पूरी तरह शुरू हो गई है।

एसीपी ट्रैफिक संजय कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस विभाग के ई-चालान एप्लिकेशन का अपडेशन शनिवार से चल रहा है। इसी तकनीकी कार्य के चलते फिलहाल ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जाने वाली चालान कार्रवाई रुकी हुई है।

इस प्रकार, वर्तमान में परिवहन विभाग की ओर से ई-चालान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि पुलिस विभाग के डिजिटल सिस्टम पर तकनीकी अपडेशन का काम जारी है।

डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी चालान प्रक्रिया

नेक्स्ट जेन 2.0 के माध्यम से ई-चालान व्यवस्था में किए गए बदलावों का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और सुविधाजनक बनाना है। एक ओर जहां QR कोड के माध्यम से भुगतान की सुविधा वाहन चालकों को मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नए विकल्पों के जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन को डिजिटल रूप से दर्ज करना आसान होगा।

इसके अलावा, पीछे बैठी सवारी के हेलमेट को भी चालान प्रक्रिया में शामिल किए जाने से दोपहिया वाहन पर यात्रा करने वाले दोनों व्यक्तियों के लिए सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर बढ़ेगा।

फिलहाल सिस्टम के तकनीकी अपडेशन और पुराने डेटा को नए सर्वर पर स्थानांतरित करने का काम जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सिस्टम पूरी तरह स्थिर होने के बाद ई-चालान प्रक्रिया और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

 

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