श्रावस्ती में शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, विशेष TET और सेवा स्थायित्व समेत उठाईं कई मांगें

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: जिले में लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजा। इसमें विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी Special TET में शिक्षामित्रों को शामिल करने, TET पास शिक्षामित्रों को सेवा स्थायित्व देने, सेवा अवधि 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने और लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।

शिक्षामित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से बेसिक शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके सामने मौजूद सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है। इस दौरान जिलाध्यक्ष निर्मल शुक्ल समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

विशेष TET में शामिल करने की मांग

शिक्षामित्रों की प्रमुख मांग विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को प्रस्तावित विशेष TET में आवेदन का अवसर मिलना चाहिए।

हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष TET को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष TET के आयोजन के लिए कार्ययोजना शासन को भेजे जाने की जानकारी दी थी। इसी बीच शिक्षामित्र संगठन भी लगातार इस परीक्षा में उन्हें शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं।

श्रावस्ती में दिए गए मांग पत्र में भी इसी मुद्दे को प्रमुखता दी गई है। शिक्षामित्रों का कहना है कि परीक्षा में अवसर मिलने से वे निर्धारित पात्रता पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

TET पास शिक्षामित्रों को सेवा स्थायित्व की मांग

शिक्षामित्रों ने TET पास कर चुके साथियों के लिए सेवा स्थायित्व की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि जिन शिक्षामित्रों ने आवश्यक पात्रता पूरी कर ली है, उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।

उनके अनुसार, लंबे समय से सेवा देने के बावजूद सेवा से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि TET पास शिक्षामित्रों के लिए सेवा स्थायित्व से संबंधित उचित व्यवस्था की जाए।

गौरतलब है कि श्रावस्ती में शिक्षामित्र संगठन पहले भी विशेष TET, सेवा स्थायित्व और स्थानांतरण समेत कई मुद्दों को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाता रहा है। सितंबर में भी जिले में इन मांगों को लेकर शिक्षामित्रों की गतिविधियां सामने आई थीं।

सेवा अवधि 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग

मांग पत्र में शिक्षामित्रों ने सेवा अवधि को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में काम कर रहे शिक्षामित्रों के लिए सेवा अवधि बढ़ाए जाने से उन्हें राहत मिल सकती है।

यह मांग केवल श्रावस्ती तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शिक्षामित्र संगठन इसी तरह सेवा अवधि 62 वर्ष करने की मांग उठा चुके हैं। हालिया रिपोर्टों में भी कई जिलों के शिक्षामित्रों द्वारा विशेष TET, सेवा स्थायित्व और 62 वर्ष की सेवा अवधि समेत समान मांगें उठाए जाने की जानकारी सामने आई है।

मई 2026 में भी शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, किसी मांग या प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के आधार पर ही माना जाएगा।

स्थानांतरण प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग

शिक्षामित्रों ने लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि स्थानांतरण से जुड़ी प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है, इसलिए इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।

स्थानांतरण का मुद्दा प्रदेश के अन्य शिक्षक संगठनों और शिक्षामित्र संगठनों की मांगों में भी शामिल रहा है। अलग-अलग जिलों में इसे लेकर ज्ञापन और अन्य लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाई जाती रही है।

मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया मांग पत्र

श्रावस्ती में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र के जरिए शिक्षामित्रों ने अपनी समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। संगठन की ओर से कहा गया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लिया जाए।

इस दौरान जिलाध्यक्ष निर्मल शुक्ल समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार तक बात पहुंचाई।

शिक्षामित्रों की मांगों में मुख्य रूप से चार मुद्दे सामने आए—विशेष TET में अवसर, TET पास शिक्षामित्रों को सेवा स्थायित्व, सेवा अवधि 62 वर्ष करना और स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा करना।

लंबे समय से सेवा कर रहे शिक्षामित्रों का मामला

शिक्षामित्रों का कहना है कि वे करीब 26 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। इसी सेवा अवधि को आधार बनाते हुए संगठन अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से निर्णय की मांग कर रहा है। हालिया रिपोर्टों में भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शिक्षामित्रों की ओर से करीब 25 से 26 वर्षों की सेवा का हवाला देते हुए विशेष TET में अवसर और सेवा संबंधी मांगें उठाने की जानकारी सामने आई है।

अब श्रावस्ती में भेजे गए इस मांग पत्र के बाद शिक्षामित्रों की नजर सरकार की ओर से होने वाली आगे की कार्रवाई पर है। विशेष TET में उन्हें अवसर मिलता है या नहीं, सेवा स्थायित्व और सेवा अवधि से जुड़ी मांगों पर क्या निर्णय होता है तथा स्थानांतरण प्रक्रिया कब पूरी होती है, यह आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।

फिलहाल, शिक्षामित्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचा दी हैं। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान होने से प्रदेश के शिक्षामित्रों को सेवा और भविष्य से जुड़ी राहत मिल सकती है।

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