अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, बोले- सपा सरकार बनी तो लागू करेंगे पुरानी पेंशन; शिक्षामित्रों को बनाएंगे शिक्षक

40aa759a-af71-42f4-8385-836cfaea667b

Digital UP News

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों और मदरसा शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अपनी पार्टी की प्रस्तावित नीतियों और वादों की जानकारी दी। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने इसे कर्मचारियों की पुरानी मांग बताते हुए कहा कि सपा इस मुद्दे पर पहले भी अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है।

प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। इसके अलावा मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन, मदरसों की समस्याओं और संस्कृत विद्यालयों से जुड़े मुद्दों के समाधान का भी उन्होंने भरोसा दिया।

पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे कर्मचारियों की पुरानी मांग बताते हुए कहा कि इस दिशा में सरकार बनने के बाद काम किया जाएगा।

रिपोर्टों के अनुसार, अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पुरानी पेंशन को लेकर पार्टी ने पहले से विचार किया है और इसके वित्तीय मॉडल पर भी चर्चा की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में इस योजना को लागू करने और उसके वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश में शिक्षक और कर्मचारी संगठन लंबे समय से अपनी मांगें उठाते रहे हैं। हाल ही में लखनऊ में पुरानी पेंशन की बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक-कर्मचारी संगठनों की गतिविधियां भी सामने आई थीं।

कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी करने की बात

प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी मांगों पर समाजवादी पार्टी काम करेगी। उनके मुताबिक, कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों को पार्टी अपने आगामी कार्यक्रमों और घोषणा पत्र में स्थान देगी।

हालांकि, पुरानी पेंशन योजना को लागू करने से जुड़े वित्तीय प्रावधान, पात्रता और अन्य प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत खाका अभी पार्टी के घोषणा पत्र में सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल इसे अखिलेश यादव द्वारा किया गया राजनीतिक वादा और घोषणा के रूप में देखा जाना चाहिए।

शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का ऐलान

अखिलेश यादव ने शिक्षामित्रों को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। यह मुद्दा उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षामित्र संगठनों की मांगों से जुड़ा रहा है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर 28 सितंबर से जिलों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की थी। संगठन की मांगों में विभागीय टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करना, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 62 वर्ष करना और टीईटी पास शिक्षामित्रों के लिए शिक्षक भर्ती में सीटों का प्रावधान शामिल था।

ऐसे में अखिलेश यादव की ओर से शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का बयान इस वर्ग से जुड़े रोजगार और सेवा संबंधी मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा के रूप में सामने आया है।

मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन का मुद्दा

अखिलेश यादव ने मदरसों से जुड़े मुद्दों को भी अपनी प्रेसवार्ता में उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर मदरसों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही, आधुनिक मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान करने का भी उन्होंने भरोसा दिया।

मदरसा शिक्षा और उससे जुड़े शिक्षकों के वेतन का विषय उत्तर प्रदेश में लंबे समय से प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा में रहा है। अगस्त 2026 में राज्य सरकार द्वारा 2016 के उत्तर प्रदेश मदरसा अध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान से संबंधित विधेयक को वापस लेने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस विधेयक को लेकर कानूनी और संवैधानिक आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया था।

इसी पृष्ठभूमि में अखिलेश यादव ने मदरसा शिक्षकों के बकाया भुगतान और मदरसों की समस्याओं के समाधान की बात कही है।

संस्कृत स्कूलों की समस्याओं के समाधान का भरोसा

अखिलेश यादव ने संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर संस्कृत स्कूलों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

संस्कृत शिक्षा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। संस्कृति और शिक्षा से जुड़े संस्थानों में संस्कृत शिक्षण के लिए वित्तीय सहायता की योजनाएं उपलब्ध हैं।

ऐसे में अखिलेश यादव का बयान उत्तर प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों की व्यवस्थाओं और वहां से जुड़े शिक्षकों तथा कर्मचारियों के मुद्दों को राजनीतिक चर्चा में लाता है।

शिक्षा और कर्मचारी मुद्दों पर केंद्रित रहा बयान

अखिलेश यादव की प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से कर्मचारियों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे सामने आए। पुरानी पेंशन, शिक्षामित्रों की स्थिति, मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन और संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं को लेकर उन्होंने सरकार बनने की स्थिति में कदम उठाने की बात कही।

वहीं, उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा। हालांकि, इन घोषणाओं के विस्तृत प्रावधान और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया पार्टी के आगामी घोषणा पत्र तथा भविष्य की नीतियों में स्पष्ट होने की संभावना है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले घोषणाओं का दौर

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल विभिन्न वर्गों और संगठनों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने कार्यक्रम और घोषणाएं सामने रख रहे हैं। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने शिक्षक-कर्मचारी वर्ग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की प्रस्तावित दिशा बताई है।

उनके बयान के अनुसार, सपा सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना पर काम किया जाएगा, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा तथा मदरसा और संस्कृत शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की प्रेसवार्ता में पुरानी पेंशन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे प्रमुख रहे। इन घोषणाओं का विस्तृत स्वरूप सपा के आगामी चुनावी घोषणा पत्र में सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल, ये घोषणाएं समाजवादी पार्टी की ओर से प्रस्तावित नीतियों और चुनावी वादों के रूप में सामने आई हैं।

You may have missed