फतेहपुर के बेरूई गांव में महादेव मंदिर पर चला स्वच्छता अभियान, कार्यकर्ताओं ने किया श्रमदान

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रिपोर्ट – अशोक सिंह 

फतेहपुर/खागा: सेवा संकल्प अभियान के तहत फतेहपुर के खागा क्षेत्र स्थित ग्राम बेरूई में स्वच्छता अभियान चलाया गया। बूथ संख्या 272 के महादेव मंदिर परिसर में आयोजित इस अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर मंदिर और उसके आसपास के स्थानों की साफ-सफाई की। इस मौके पर धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में मौजूद कचरे और अन्य गंदगी को हटाया। इसके साथ ही आसपास के हिस्सों की सफाई कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की सहभागिता भी रही।

सेवा संकल्प अभियान के तहत फतेहपुर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी पहले भी सामने आई है। जिले में अभियान के दौरान स्वच्छता, जनभागीदारी और अन्य सामाजिक गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।

महादेव मंदिर परिसर में किया श्रमदान

ग्राम बेरूई स्थित महादेव मंदिर में आयोजित स्वच्छता अभियान में कंधिया सेक्टर अध्यक्ष अरुण शर्मा, युवा मोर्चा मंडल मंत्री घनश्याम साहू सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर मंदिर परिसर की सफाई की और श्रमदान किया।

इस दौरान धार्मिक स्थल के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंदिर जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर नियमित स्वच्छता व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को भी बेहतर वातावरण मिलता है। इसके अलावा स्थानीय लोगों की भागीदारी से ऐसे स्थानों की देखरेख को लगातार बेहतर बनाया जा सकता है।

अभियान के दौरान मौजूद लोगों से भी अपील की गई कि वे मंदिर परिसर में कूड़ा न डालें और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सहयोग करें। साथ ही, स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर नियमित गतिविधि के रूप में अपनाने पर जोर दिया गया।

सेवा और स्वच्छता को बताया सामाजिक जिम्मेदारी

कार्यक्रम में साहिल शर्मा ने कहा कि सेवा का दायरा केवल किसी व्यक्ति की सहायता तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, समाज, सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी सामाजिक सहभागिता का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि जब लोग स्वयं आगे बढ़कर अपने आसपास के स्थानों की सफाई करते हैं तो इससे अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश मिलता है। इसके अलावा सामूहिक श्रमदान से स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने महादेव मंदिर को स्थानीय आस्था से जुड़ा स्थल बताते हुए कहा कि इसकी साफ-सफाई और सुंदरता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी स्वच्छ रखने की अपील की।

धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर जोर

स्वच्छता अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में इन स्थानों पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखना स्थानीय समुदाय की भागीदारी से अधिक प्रभावी हो सकता है।

इसी क्रम में कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना के दौरान स्वच्छता का भी ध्यान रखें। कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने, प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने और परिसर को साफ रखने जैसे छोटे प्रयासों से सार्वजनिक स्थानों की स्थिति बेहतर रखने में सहयोग मिल सकता है।

फतेहपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता के अलावा जनकल्याण और जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। जिले में अभियान की अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने लिया स्वच्छता का संकल्प

अभियान के समापन पर मौजूद कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि स्वच्छता की जिम्मेदारी केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक है।

इसके साथ ही यह संदेश दिया गया कि किसी स्थान की नियमित साफ-सफाई के लिए केवल विशेष अवसरों पर अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। बल्कि रोजमर्रा के स्तर पर भी लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना चाहिए। इससे सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय सहभागिता से बढ़ी अभियान की गतिविधि

ग्राम बेरूई में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए श्रमदान के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। मंदिर परिसर की सफाई के बाद लोगों ने आसपास के क्षेत्र को भी साफ रखने की आवश्यकता पर चर्चा की।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थल स्थानीय समाज के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसी उद्देश्य से मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया गया।

इस तरह स्वच्छता अभियान के माध्यम से धार्मिक स्थल की साफ-सफाई के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने भविष्य में भी जरूरत के अनुसार ऐसे प्रयास जारी रखने की बात कही।

सेवा संकल्प अभियान के तहत गतिविधियां जारी

फतेहपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत अलग-अलग स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अभियान में स्वच्छता, रक्तदान, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य जनभागीदारी वाली गतिविधियों को शामिल किया गया है।

बेरूई गांव में महादेव मंदिर परिसर की सफाई इसी क्रम में आयोजित गतिविधि रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया और लोगों से धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

कुल मिलाकर, खागा क्षेत्र के ग्राम बेरूई में आयोजित स्वच्छता अभियान के दौरान महादेव मंदिर परिसर की साफ-सफाई की गई। कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने श्रमदान के साथ स्वच्छता को नियमित जिम्मेदारी बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के जरिए धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।

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