इटावा में सड़क हादसे में घायल बाराबंकी के सीओ नरेंद्र सिंह की मौत, सैफई में चल रहा था इलाज
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में घायल बाराबंकी में तैनात क्षेत्राधिकारी नरेंद्र सिंह की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसा इटावा जिले के ऊसराहार थाना क्षेत्र में हुआ था। गंभीर रूप से घायल सीओ नरेंद्र सिंह को दुर्घटना के बाद उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन रास्ते में स्थिति गंभीर होने के बाद उन्हें दोबारा सैफई लाया गया। देर रात उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सीओ नरेंद्र सिंह के परिजन सैफई पहुंच गए। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम ऊसराहार थाना क्षेत्र के खरगुआ के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सीओ नरेंद्र सिंह की कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई थी। हादसे के समय कार में सीओ के साथ सिपाही योगेंद्र सिंह भी मौजूद थे। दुर्घटना में दोनों घायल हुए थे।
हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सीओ नरेंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी हुई थी।
पुलिस और यूपीडा की टीम ने दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार लखनऊ से आगरा की ओर जा रही थी और खरगुआ के पास आगे चल रहे ट्रक से उसकी टक्कर हुई।
हालत बिगड़ने पर दिल्ली ले जाने की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को सीओ नरेंद्र सिंह की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से दिल्ली ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उनकी हालत और बिगड़ गई।
स्थिति गंभीर होने पर एंबुलेंस में ही उन्हें सीपीआर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें वापस सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई।
सीओ की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। उनके परिजन सैफई पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रमोशन के बाद बाराबंकी में हुई थी पहली पोस्टिंग
नरेंद्र सिंह मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले बताए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रमोशन के बाद क्षेत्राधिकारी बनने के पश्चात उनकी पहली पोस्टिंग बाराबंकी में हुई थी। वर्तमान में वह बाराबंकी में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात थे।
बताया गया है कि वह अपने विभागीय कार्य से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद पुलिस और एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया था।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुआ उपचार
दुर्घटना के बाद सीओ नरेंद्र सिंह को गंभीर हालत में सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों की टीम लगातार उनके उपचार में लगी थी। हालांकि, स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचार के दौरान उनकी हालत पर चिकित्सकों और परिजनों की नजर बनी हुई थी। बाद में दिल्ली ले जाते समय तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दोबारा सैफई लाया गया, जहां देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की पोस्टमार्टम की कार्रवाई
सीओ नरेंद्र सिंह की मौत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पंचायतनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस की ओर से हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच भी की जा रही है। दुर्घटना किस परिस्थितियों में हुई और कार की ट्रक से टक्कर कैसे हुई, इसे लेकर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
सिपाही योगेंद्र सिंह भी हुए थे घायल
इस हादसे में सीओ नरेंद्र सिंह के साथ मौजूद सिपाही योगेंद्र सिंह भी घायल हुए थे। दोनों को दुर्घटना के बाद एंबुलेंस के माध्यम से सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय पहुंचाया गया था। प्रारंभिक रिपोर्टों में दोनों के घायल होने की पुष्टि की गई थी।
दुर्घटना के बाद पुलिस और यूपीडा की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। वहीं, हादसे के कारणों की जानकारी के लिए पुलिस स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
परिवार और पुलिस विभाग में शोक
नरेंद्र सिंह की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार और पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। परिजन सैफई पहुंच चुके हैं और पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना ने एक पुलिस अधिकारी की जान ले ली। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी है। हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद सामने आने की उम्मीद है।
इस प्रकार, शनिवार को ऊसराहार थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद उन्हें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दोबारा सैफई लाया गया, जहां देर रात उनका निधन हो गया। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।

